जिला अस्पताल में पंखे तक की व्यवस्था नहीं है।
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मैनपुरी। जिले में बड़ी संख्या में बिना पंजीकरण के पैथॉलॉजी केंद्र संचालित हो रहे हैं। दो साल से नगर में इन सेंटरों पर कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इसके चलते अवैध रूप से पैथॉलॉजी सेंटरों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारी किसी बड़ी घटना के बाद कार्रवाई कर खानापूरी कर लेते हैं।
जिले में दो सौ से अधिक पैथोलॉजी जांच केंद्र संचालित हो रहे हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग में मात्र 64 केंद्र ही पंजीकृत हैं। गत वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने संक्रामक बीमारी फैलने पर निजी केंद्रों से आने वाली जांच को बेहतर नहीं माना था। जिला अस्पताल में होने वाली जांच को ही सही माना था। अब जैसे ही संक्रामक बीमारियां बढ़नी शुरू हुई हैं। पैथॉलॉजी सेंटरों पर मरीजों के साथ अवैध तरीके से धन उगाही का खेल शुरू हो गया है। इस मामले में डॉक्टर भी शामिल हैं।
एक-एक डॉक्टर के नाम कई केंद्र
हाल ही में स्वास्थ्य विभाग में एक शिकायत की गई थी कि जिले के पैथॉलॉजी सेंटर जिन डॉक्टरों के नाम से संचालित हो रहे हैं वो इन केंद्रों पर नजर नहीं आते हैं। कई केंद्रों पर बाहर के डॉक्टरों का नाम दर्ज है। वहीं, कुछ डॉक्टरों के नाम तीन-तीन केंद्र संचालित होते हैं। विभागीय लोगों की मानें तो डॉक्टर केंद्र संचालकों से अपना नाम दर्ज कराने के लिए मोटी रकम लेता है। फिर डॉक्टर के नाम से अप्रशिक्षित लोग जनता से अवैध रूप से धन उगाही कर मनमानी रिपोर्ट जारी करते हैं।