मैनपुरी। सुबह-सुबह ही हैंडपंप पर लोगों की लाइन लगी हुई थी। किसी के हाथ में बाल्टी थी तो किसी के हाथ में टब। हर कोई अपनी बारी के लिए धक्का मुक्की करने में लगा हुआ था। इस बीच कई बार यहां खड़े लोगों में आपस में नोकझोंक भी हुई। कई लोग पानी भरकर चले भी गए, लेकिन कतार खत्म नहीं हुई।
कुछ ऐसा ही नजारा शनिवार को शहर के आगरा रोड स्थित प्रजापति कॉलोनी में लगे हैंडपंप के आसपास का था। कॉलोनी में रोजाना ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। यहां लगे तीन हैंडपंपों में से एक का हत्था गायब है तो वहीं दूसरा रीबोर होना है। एक हैंडपंप पानी तो दे रहा है, लेकिन बीमारी बांट रहा है। इस हैंडपंप से गंदा पानी आता है।
इसके बाद भी इसी हैंडपंप से लोग पानी भरते हैं। रोजाना पानी भरने के लिए हैंडपंप पर एक दूसरे से लड़ाई भी हो जाती है, लेकिन पानी भरना तो मजबूरी है। ये केवल एक कॉलोनी का हाल नहीं है। शहर की हिंदपुरम कॉलोनी, आजाद नगर, दरीबा, ककरैया, महमूदनगर, राजीव गांधी नगर, मधाऊ, बृज कॉलोनी समेत अनय कई इलाके पानी की कमी से जूझ रहे हैं।
इसका एक पहलू और भी है, जो हम आपको दिखाते हैं। दरअसल ये समस्या हमने खुद पैदा की है। आज भी धड़ल्ले से पानी की बर्बादी की जा रही है। एक ओर जहां कुछ लोग पानी के लिए हैंडपंप पर धक्का मुक्की कर रहे थे तो वहीं दूसरी ओर शहर के पंजाबी कॉलोनी में एक घर के बाहर युवक सड़क पर सबमर्सिबल का पानी चला रहा था। जब उससे पानी फैलाने का कारण पूछा गया तो उसने गर्मी अधिक होने के कारण पानी फैलाने की बात कही।