एटा। सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार काफी प्रयास कर रही है। इसकी पहल जिले में भी खूब हुई, लेकिन भारी भरकम रकम खर्च होने के बाद भी विकास भवन को अब तक सोलर लाइट मुहैया नहीं हो सकी है। इसको लेकर नेडा की ओर से प्रयास भी किए जा चुके हैं लेकिन कार्यदायी संस्था प्रोजेक्ट को चालू करने में नाकाम साबित हुई।
विकास भवन में तमाम सरकारी दफ्तर एक ही छत के नीचे कार्य करते हैं। यहां सौर ऊर्जा का प्रोजेक्ट लगाने के लिए वर्ष 2017 में प्रस्ताव शासन को भेजा गया और इसकी मंजूरी भी मिल गई। यहां 45 किवा का सिस्टम लगने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू की गई। वर्ष 2018 के शुरूआत में मै. एराइज इंडिया लिमिटेड कंपनी की ओर से सौर ऊर्जा पैनल लगाकर सेटअप तैयार कर दिया गया। इस सिस्टम को लगाने में 68 लाख रुपये सरकार ने खर्च भी किए। इसके बाद भी कार्यदायी संस्था ने तमाम खामियां प्रोजेक्ट में छोड़ दी, जो आज तक पूरी नहीं हो सकी है। यही वजह है कि विकास भवन में एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी सोलर लाइट की सप्लाई चालू नहीं हो सकी है। परियोजना प्रबंधक नेडा आनंद प्रकाश दीक्षित ने कहा कि कार्यदायी संस्था की ओर से कार्य पूर्ण नहीं किए जाने को लेकर शासन को कई बार लिखा गया है। कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी हैं कि वह कार्य पूर्ण करें। यदि समय से सिस्टम चालू हो जाता तो सरकार का करोड़ों रुपये बिजली बिल बचाया जा सकता था।