एटा। लोकसभा चुनाव में जीत का दावा कर रहे 12 प्रत्याशियों को जमानत बचाना भी भारी पड़ गया। आलम यह हुआ कि प्रत्याशियों को एक फीसदी वोट तक नहीं मिल सके। कांग्रेस के समर्थन में चुनाव लड़े जन अधिकार पार्टी के प्रत्याशी सूरज सिंह शाक्य और प्रसपा प्रत्याशी रश्मि यादव की भी जमानत जब्त हो गई।
लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों को 25 हजार और एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के प्रत्याशियों को 12500 रुपये जमानत के तौर पर जमा कराने पड़ते हैं। कुल वोट का छह फीसदी मत मिलने पर प्रत्याशियों को जमानत राशि वापस कर दी जाती है। जिले में लोकसभा चुनाव मैदान में उतरे 12 प्रत्याशी जमानत बचाने को जद्दोजेहद करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। भाजपा और सपा प्रत्याशी को छोड़कर जन अधिकार पार्टी के सूरज सिंह शाक्य, प्रसपा की रश्मि यादव, अतर सिंह, अनुज कुमार, आनंद प्रकाश राजपूत, नरेश, भरत, अशोक, इंद्रपाल, पार्वती नंदन, सतेंद्र पंडा, हरिओम की जमानत जब्त हो गई।
नोटा भी खूब दबा
लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान नोटा भी मतदाताओं ने खूब दबाया। एटा लोकसभा में 4718 मतदाताओं को कोई प्रत्याशी पसंद नहीं आया। जबकि लोस चुनाव 2014 में 3018 मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना था। नोटा की बढ़ती संख्या राजनीतिक दलों के लिए बड़ा सवाल है।
प्रत्याशी मिले वोट
राजवीर सिंह, भाजपा 5,04467
देवेंद्र सिंह, सपा 4,02254
अतर सिंह, आरएसएसपी 5110
अनुज कुमार, एसबीएसपी 838
आनंद प्रकाश सिंह, आरबीसी 584
नरेशचंद्र, डीएससीपी 482
भरत सिंह, आरकेपी 666
रश्मिी यादव, पीएसपी 1470
सूरज ङ्क्षसह शक्य, जेएपी 5126
अशोक कुमार, आईएनडी 542
इंद्रपाल , आईएनडी 712
पार्वती, नंदन, आईएनडी 1858
सतेंद्र कुमार, आईएनडी 1577
हरिओम 6339
नोट- पोस्टल वोट सहित लोक सभा में 999607 वोट पड़े हैं। जमानत बचाने को 166601 वोट चाहिए।