मेडिकल कॉलेज की जमीन से छह लोगों ने हटाया कब्जा
- फोटो : अमर उजाला
कासगंज। सोरों के मोहल्ला पजाया में भूमि घोटाले में रजिस्ट्रार कार्यालय ने अपना पक्ष स्पष्ट करते हुए घोटाले से पल्ला झाड़ लिया है। सूत्रों की मानें तो खतौनी में विवाद का जिक्र न होने के कारण रजिस्ट्रार कार्यालय से बेरोक टोक बैनामे हो गए। जांच टीम ने सोमवार को जिम्मेदार तीन कार्यालयों से दस्तावेज मांगे हैं।
मोहल्ला पजाया के भूमि विवाद में सरकारी दफ्तरों का भी बड़ा हस्तक्षेप रहा। विवादित जमीन के बैनामों के लिए प्रशासन रजिस्ट्रार कार्यालय को दोषी बता रहा है। सोमवार को सबरजिस्ट्रार ने संबंधित भूमि की खतौनी निकलवाई और इसमें पाया कि खतौनी में कहीं भी विवाद का जिक्र नहीं था। ऐसे में बैनामे पर रोक लगाई नहीं जा सकती। रजिस्ट्रार कार्यालय ने प्रशासन के समक्ष दमदारी से अपना पक्ष रखते हुए प्रकरण से दूरी बना ली है। वहीं सोमवार को जांच टीम ने जांच आगे बढ़ाई। रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय, तहसील कार्यालय और सब रजिस्ट्रार कार्यालय से संबंधित भूमि के दस्तावेज और बैनामे मांगे। टीम ने रजिस्ट्रार कार्यालय का पक्ष जानने के बाद माना है कि सबसे बड़ी चूक रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय में हुई। इस कारण वहां से ही तहसील के दस्तावेजों में कोई नाम दर्ज होता है। विवादित भूमि का जिक्र भी रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय करता है। कार्यालय ने खतौनी में विवाद का कोई जिक्र नहीं किया था।
वर्जन-
- जांच टीम को जल्द से जल्द दोषियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा बैनामा कराने वाले और लोगों के नाम सामने आएं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
- ललित कुमार, एसडीएम।
- तीन जिम्मेदार कार्यालयों से पत्रावली मांग ली गई है। बिंदुवार जांच की जा रही है। माना जा रहा है कि रजिस्ट्रार कानूनगो कार्यालय के कर्मचारी दोषी रहे हैं।
- एसपी वर्मा, तहसीलदार।
- रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचने वाले बैनामा के इच्छुक व्यक्ति को लौटाया नहीं जा सकता है। यह कानूनन गलत है। विवादित जमीन के बैनामे हुए हैं लेकिन विवाद की जानकारी रजिस्ट्रार कार्यालय को नहीं थी। इसका प्रमुख कारण खतौनी में विवाद का जिक्र नहीं होना है।
- राकेश चंद्र, रजिस्ट्रार।