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किसी को नेताजी पर विश्वास, किसी को विकास की आस
-अपनी-अपनी पार्टी के प्रत्याशी के जीतने का दावा कर रहे समर्थक
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। चुनाव के माहौल में चर्चाओं का बाजार गर्म न हो, भला ये कैसे हो सकता है। छोटे से मुद्दे से शुरू हुई बात कहां जा पहुंचे, किसी को पता नहीं होता। ऐसे ही शहर में एक स्थान पर शुरू हुई चुनावी चकल्लस घंटों चलती रही। कोई भी अपनी बात से पीछे हटने को तैयार नहीं था।
ये नजारा था पुरानी मैनपुरी स्थित नगरिया मोहल्ले का। घड़ी की सुइयां दोपहर की ओर इशारा कर रही थीं। तभी एक दुकान पर आए ग्राहक ने यूं ही पूछ लिया कि इस बार किसे वोट देने का मन बनाया है। बस इतना कहने की देर थी कि बगल वाले दुकानदार भी आ गए। उन्होंने कहा कि मैनपुरी तो सपा का गढ़ रहा है, यहां किसी की एक न चलने वाली, लेकिन ग्राहक को ये बात कतई मंजूर नहीं थी। उनका कहना था कि भाजपा ने विकास कराया है, जिसके दम पर वोट मिलेगा। अभी ये दोनों लोग आपसी चर्चा में जुटे हुए थे कि मोहल्ले के कुछ अन्य लोग भी खड़े हो गए। बस फिर क्या था, एक के बाद एक सवाल-जवाब का दौर शुरू हो गया। दुकान पर कुछ सामान लेने के लिए आए साहब को घड़ी की चाल की चिंता नहीं थी। जब घर से बेटा बुलाने आया तब जाकर उन्हें कहीं समय का ख्याल आया। इसके बाद फिर कोई यहां नहीं रुका, सभी एक-एक करके चलते बने।