मैनपुरी। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी वही जीतेगा, जिसे युवा मतदाता वोट करेंगे। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव की अपेक्षा इस बार 69,020 नए मतदाता बढ़ गए हैं। इनमें सबसे अधिक वे युवा हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। ऐसे में इन मतदाताओं का रुख ही चुनाव का निर्णय करेगा। मतदान को लेकर युवाओं की सोच बदल रही है। अब युवा जाति-धर्म के चक्कर में नहीं फंसना चाहते हैं। उनका कहना है कि युवा प्रत्याशी को मौका मिलना चाहिए। सांसद कम से कम स्नातक होना चाहिए।
सांसद या विधायक का चुनाव हो, सभी में युवा और नए चेहरे को मौका मिलना चाहिए। सांसद कम से कम स्नातक होना चाहिए।
-वैशाली दुबे, देवपुरा
जाति और धर्म में बांटकर राजनीति दल अपना स्वार्थ सीधा करते हैं। मतदाताओं को इसके चक्कर में नहीं फंसना चाहिए।
-श्वेता, देवपुरा
-हमारा जनप्रतिनिधि जब साक्षर नहीं होगा तो वह अच्छा और बुरा कैसे समझेगा। साक्षर जनप्रतिनिधि को चुनकर दिल्ली भेजें।
-निधि, अमरनगर
सांसद का चुनाव सोच समझकर करना चाहिए, जिससे पछताना न पड़े। भूल सुधार के लिए फिर पांच साल बाद ही मौका मिलेगा।
पूजा मिश्रा, अमरनगर