मैनपुरी। नगर पालिका परिषद में पालिकाध्यक्ष और अधिकारियों की कार्यशैली से सभासदों में आक्रोश पनप रहा है। पालिकाध्यक्ष पर मनमाने तरीके से प्रस्ताव पास करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। अंदर ही अंदर सभासदों में आक्रोश भी पनप रहा है जो कभी भी मुखर हो सकता है।
नगर पालिका परिषद में अधिकारी और पालिकाध्यक्ष की मिलीभगत से बोर्ड की बैठक में पास होने वाले प्रस्ताव पहले ही पूरे कर लिए जाते हैं।
ये आरोप सभासदों ने लगाए हैं। आक्रोशित सभासदों का इस बात को लेकर बुधवार को हुई बैठक के बाद पालिकाध्यक्ष के पति के साथ विवाद भी हुआ था। गुरुवार को कई सभासद नगर पालिका परिसर में एकत्रित हुए। सभासदों व सभासद प्रतिनिधियों ने निर्णय लिया कि नगर पालिकाध्यक्ष और प्रशासन की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभासदों का कहना था कि पालिकाध्यक्ष ने कुछ चहेते सभासदों से सांठगांठ कर ली है। उनके प्रतिनिधियों को ठेके आवंटित कर बोर्ड की बैठक से पहले ही प्रस्ताव पर सहमति ले ली जाती है।
बोर्ड की बैठक में मात्र 15 मिनट में ही सहमति दर्ज करा ली जाती है। विरोध करने वाले सभासदों की सुनी नहीं जाती है। बोर्ड की बैठक से सात दिन पहले प्रस्ताव के संबंध में सूचना नगर पालिका के बोर्ड पर चस्पा होनी चाहिए जो नहीं की जा रही है। साथ ही बोर्ड की बैठक की जानकारी भी मीडिया व अन्य को सार्वजनिक नहीं की जाती।
सभासदों ने बुलाई बैठक
नगर पालिका प्रशासन की कार्यशैली से आक्रोशित सभासदों ने शुक्रवार को दोपहर 11 बजे नगर पालिका में ही सभासदों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में सभासदों की समस्याओं तथा पालिका प्रशासन की कार्यशैली पर आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
25 लाख रुपये का नहीं है कोई हिसाब
आरोप है कि नगर पालिका में हुए विकास कार्य के लिए नगर पालिका प्रशासन ने ठेकेदारों से पहले ही जीएसटी के रुपये जमा कराए हैं। करीब 25 लाख रुपया जो ठेकेदारों द्वारा जीएसटी का जमा किया गया है वह रुपया एक साल से नगर पालिका ठेकेदारों को नहीं दे रही है। जबकि यह रुपया नगर पालिका को ही देना था। इसको लेकर ठेकेदारों में भी आक्रोश है।
बोर्ड की बैठक के संबंध में सभी सभासदों को प्रस्ताव की कॉपी भेजी गई थी। जीएसटी का भुगतान ठेकेदारों को नहीं हो सका है, उसके लिए तैयारी चल रही हैं। शीघ्र ही भुगतान किया जाएगा। अन्य आरोप निराधार हैं। सभासद किसी बात से यदि नाराज हैं तो उनसे बात की जाएगी। अभी तक किसी ने लिखित में शिकायत नहीं की है।
मनोज कुमार रस्तोगी, ईओ