मथुरा। डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा की फर्जी बीएड डिग्री के सहारे परिषदीय विद्यालयों में चयनित शिक्षकों के नाम की जांच में जिले के 4466 शिक्षकों का वेतन फंस गया है। प्रत्येक माह की पांच तारीख तक वेतन जारी करने वाले विभागीय अधिकारी इस बार फर्जी शिक्षकों की सूची का इंतजार कर रहे हैं।
एसआईटी की जांच में सामने आए डॉ. आंबेडकर विवि आगरा से 2004 के फर्जी बीएड डिग्रीधारकों की सूची का जनपद के शिक्षकों से मिलान किया जा रहा है। संभावना जताई जा रही है कि फर्जी बीएड डिग्री धारकों की इस सूची में 80 से अधिक नाम ऐसे हैं, जो यहां परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक बने हुए हैं। सचिव बेसिक शिक्षा द्वारा इसके खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिए जाने के बाद अब एसआईटी की सूची से तैनात शिक्षकों का मिलान किया जा रहा है।
दिसंबर माह का वेतन इन्हें जारी न हो, इसके दृष्टिगत सभी परिषदीय शिक्षकों का वेतन रोक दिया है। 14 जनवरी तक जनपद के 4466 परिषदीय शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। इसे लेकर पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ ने नाराजगी जताई है।
प्रांतीय प्रचार मंत्री देवेंद्र सारस्वत, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष कृष्णकुमार सारस्वत ने इस विषय को लेकर सोमवार को वित्त एवं लेखाधिकारी से मिलने भी गए, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। दोनों शिक्षक नेताओं ने शिक्षकों का वेतन जारी न होने पर आंदोलन की बात कही है।