scene recreation of vivek tiwari murder case
- फोटो : amar ujala
फिरोजाबाद। पांच नवंबर को जैननगर खेड़ा में पूनम अग्रवाल की हत्याकांड में पुलिस ने उसके पति को हिरासत में लेने के साथ गहनता से पूछताछ की है। पुलिस की मानें दोनों के मध्य विवाद काफी समय से चल रहा था। पूनम अग्रवाल को परिजनों तक से बात भी नहीं करने देता था। घटना वाले दिन दोनों के मध्य विवाद हुआ था।
थाना उत्तर के मोहल्ला जैन नगर खेड़ा निवासी एकाउंटेंट संजय अग्रवाल की पत्नी पूनम अग्रवाल हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस सोमवार को ठोस नतीजे पर पहुंच गई है। पुलिस ने पति संजय अग्रवाल को हिरासत में लेने के साथ उससे काफी गहनता से पूछताछ की।
शक की सुई पूरी तरह से पति की ओर इशारा कर रही है। हालांकि पुलिस हत्या के मामले में खुलकर कुछ बोलने से बच रही है। लेकिन वह दबीं जुबां से स्वीकार रही है कि पति का हाथ होना सामने आ रहा है। क्योंकि पुलिस के कई सवालों के जबाव संजय के पास नहीं है।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि सवालों पर संजय चुप्पी साध लेता है। बताते हैं कि उसने घटना वाले दिन दोनों (संजय व पूनम) के मध्य चाय बनाने को लेकर विवाद हुआ था यह स्वीकारा है। हत्या किसने की इस पर चुप्पी साध ली।
इसके साथ ही नौ मिनट तक वह कहां रहा इस सवाल का जवाब उसके पास नहीं है। परिवार की जमीन को लेकर विवाद की बात सामने आई है। इसके साथ मकान पर लगे काम को रुकवाने को लेकर कुछ दिन पूर्व दोनों (संजय व पूनम अग्रवाल) के मध्य विवाद हुआ था।
इन्हीं सभी विवादों के चलते हत्याकांड में पति का हाथ होने की ओर इशारा कर रहे हैं। हालांकि पुलिस के खुलाशे के बाद ही स्पष्ट होगा कि पूनम का असली कातिल कौन है।
संजय अग्रवाल ने पत्नी पूनम अग्रवाल से मार्कशीट लाने के लिए कहा था, लेकिन नहीं लाने पर उसके साथ मारपीट की गई थी। इसकी जानकारी भी पूनम अग्रवाल ने अपनी बहनों व परिजनों को बताई थी।
पुलिस की पूछताछ में मृतक पूनम अग्रवाल के 11 वर्षीय बेटे शुभ ने बताया कि मम्मी और पापा के बीच सुबह तो विवाद हुआ था। विवाद के बाद ही मम्मी बाहर की ओर चली गई थी।