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प्राइवेट स्कूलों की मनमानी, बच्चों पर भारी

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स्कूल - फोटो : डैमो
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वृंदावन (मथुरा)। निजी स्कूलों की मनमानी रोकने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए कदम नाकाफी साबित हो रहे हैं। मथुरा और वृंदावन के कई स्कूल बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा हैं। विद्यालय प्रबंधन द्वारा निर्धारित संख्या से कहीं अधिक बच्चों को एक ही गाड़ी में ले जाया जा रहा है। प्राइवेट स्कूलों की मनमानी को लेकर प्रशासनिक अधिकारी भी आंखें मूंदे बैठा है।
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किशोरपुरा निवासी बालमुकुंद अग्रवाल ने बताया कि नवीन शिक्षा सत्र में स्कूल संचालकों ने वाहन शुल्क में 10 से 15 फीसदी की वृद्धि की। बावजूद इसके बच्चों को पर्याप्त वाहन सुविधा नहीं दी जा रही है। स्कूल वैन और बसों में निर्धारित संख्या से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया जा रहा है।


गौरानगर कालोनी निवासी गायत्री देवी का कहना है कि कई बार निर्धारित संख्या से अधिक बच्चों को बैठाने को लेकर विद्यालय प्रबंधतंत्र से बात की तो उन्होंने अपने बच्चों को स्वयं ही स्कूल भेजने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया।
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राधानिवास निवासी मनोज कुमार, तुलसी विहार कालोनी निवासी विपिन उपाध्याय, रमणरेती निवासी श्यामसुंदर दुबे ने बताया कि स्कूलों की मनमानी को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री की जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज करा दी है।

इस संबंध में एआरटीओ प्रर्वतन हेमचंद्र गौतम ने कहा कि पिछले दिनों 36 विद्यालयों में अभियान चलाकर वाहनों की जांच की। स्कूल संचालकों से मानकों को मानने के लिए लिखित में भी लिया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान चलाकर वाहनों की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी मिलने पर विद्यालय संचालकों पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
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