टूंडला। गांव ठार ईश्वरी निवासी रामनिवास की बकरियां बाडे़ में बांधती है। दस दिन पूर्व बाड़े में घुसे एक पागल कुत्ते ने बकरी को काट लिया था। अगले दिन कुत्ते की मौत हो गई थी। इसके बाद रैबीज फैलने से बकरी पागल हो गई। रामनिवास पशुओं को चारा डालने गया तो बकरी ने हमला कर दिया।
शुक्रवार सुबह पशु चिकित्सक गांव पहुंचे और पागल बकरी के साथ अन्य बकरियों को रैबीज वैक्सीन लगाई। पागल बकरी को पेड़ से बंधवा दिया गया है ताकि हमला न कर सके। पशुधन प्रसार अधिकारी रूप किशोर ने कहा रैबीज की पहली स्थिति डंप, दूसरी फ्यूरियस, तीसरी एक्यूट होती है। यह बकरी एक्यूट स्थिति में है। एक दो दिन में मर सकती है। ग्रामीण पशुओं और बच्चों को बकरी से दूर रखें।