मथुरा। शहर में खुलेआम कूड़े में आग लगाकर निस्तारण किया जा रहा है। इससे वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है। एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने कूड़े में आग लगाकर निस्तारण करने पर रोक लगा रखी है। इसे लेकर डीएम सहित नगर निगम और प्रदूषण विभाग पर जुर्माना भी किया है।
नगर निगम द्वारा अभी तक कूड़े के निस्तारण के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। केवल नगर से कूड़ा एकत्रित करके जमुनापार के टंचिंग ग्राउंड में फेंक दिया जाता है। इसके चलते यहां पर कूड़े का बड़ा ढेर लगा रहता है। कूड़े की मात्रा अधिक होने पर इस मैदान में एकत्रित हुए ढेर में निगम कर्मियों द्वारा आग लगा दी गई। यह आग लगातार कूड़े में सुलगती रहती है और धुआं उठता रहता है। इसके अलावा शहर के कई हिस्सों में भी एकत्रित किए गए कूड़े में आग लगा दी जाती है। जबकि इस प्रकार आग लगाकर कूड़े का निस्तारण करने पर एनजीटी द्वारा प्रतिबंध लगाया गया है।
इस प्रकार से कूड़े का निस्तारण किए जाने पर एनजीटी द्वारा डीएम मथुरा, नगर आयुक्त और प्रदूषण विभाग पर जुर्माना भी लगाया जा चुका है। नगर निगम द्वारा प्लास्टिक के कूडे़ से पेट्रोल-डीजल बनाने के लिए योजना तैयार की गई है। इसका प्लांट लगाने के लिए जमुनापार में जगह उपलब्ध कराई गई है। इस संबंध में सहायक नगर आयुक्त ब्रजेश कुमार ने बताया कि हम कूड़े का निस्तारण करा रहे हैं। सारा कूड़ा जमुनापार में डाला जा रहा है।