कासगंज। लेखपालों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल रखकर तहसील कार्यालय में प्रदर्शन किया। हड़ताल के बाद लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
प्रदर्शन के दौरान तहसील अध्यक्ष नाहर सिंह ने कहा कि लेखपाल काफी समय से समस्याओं से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का निदान नहीं किया जा रहा है। चार माह पहले अपनी मांगों के संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया था लेकिन मांगों का निस्तारण अब तक नहीं किया गया। उन्होंने मांग की कि लेखपालों के पद की शैक्षिक अर्हता स्नातक की जाए और पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक किया जाए। उन्होंने लेखपालों का वेतनमान 2000 से बढ़ाकर 2800 रुपये किए जाने की मांग की। तहसील सचिव प्रदीप सक्सेना ने कहा कि राजस्व निरीक्षक के पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया को समाप्त किया जाए। लेखपालों को पदोन्नति करके राजस्व निरीक्षकों के पदों को भरा जाए। इस दौरान रामपाल सिंह, महाराज सिंह, वीरेश बाबू, अशोक कुमार वर्मा, रश्मि, प्रेमपाल, नरेेंद्र पाल वर्मा, सतीश चंद्र वर्मा, राजेंद्र सिंह यादव, रामेश्वरी दयाल, नरेश पाल सिंह, प्रेमपाल सिंह, नरेश यादव मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के द्वारा तहसीलों में संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया। लेखपालों ने छह सूत्रीय मांगों को शीघ्र निस्तारित किए जाने की मांग की।
पटियाली में तहसील अध्यक्ष सोवेंद्र बाबू व सचिव राकेश कुमार के नेतृत्व में तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन कर उपजिलाधिकारी को छह सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष ने कहा कि 17 अक्तूबर को भी एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के साथ साथ ई-डिस्ट्रिक कार्य को अनिश्चितकालीन तक बंद कर दिया जाएगा। 31अक्तूूबर को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 7 नवंबर को समीक्षा के बाद आंदोलन को और गति देने पर विचार विमर्श किया जाएगा। संजीव कुमार, गिरंद सिंह, ओमप्रकाश, हरवीर सिंह, रामसनेही, मानपाल सिंह, रिचा, कुमारी सरिता, श्रीनिवास, कश्मीर सिंह, सत्यवीर सिंह, पूजा चौहान, शिवंागी, किरनलता मौजूद रहीं।
सहावर में लेखपाल संघ के द्वारा 6 सूत्री मांगों में शामिल में विसंगतियां, लैपटॉप तथा स्मार्टफोन उपलब्ध कराना, लेखपाल सीधी भर्ती पर रोक, विशिष्ट परिस्थितियों में लेखपाल निजी स्थानांतरण नियमावली में संशोधन सहित अन्य मांगों को रखा गया। हड़ताल कर तहसील पर धरना प्रदर्शन किया गया। उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा कर समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की मांग की गई। इस मौके पर रामअवतार सिंह शाक्य, विनय सक्सेना, चंद्रपाल सिंह, सोमेंद्र बाबू, नेत्रपाल सिंह, रामबाबू, रणसिंह, अशोक शर्मा, अमित सक्सेना, शोभाराम, सतेंद्र सिंह, पन्नालाल, छोटेलाल, अनुराग, शाहरूख खान, दिनेशकुमार आदि मौजूद रहे।
लैपटॉप के साथ दिलाया जाए स्मार्ट फोन : फोटो
एटा में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। समस्याओं के समाधान की मांग की।
मंगलवार दोपहर को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे लेखपालों ने बताया कि लेखपाल पद की शैक्षिक अर्हता स्नातक करने व पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक करने एवं प्रारंभिक वेतनमान ग्रेड पे 2000 से बढ़ाकर 2800 किया जाए। एसीपी विसंगति दूरी की जाए। राजस्व निरीक्षकाें के पदों पर सीधी भर्ती समाप्त करते हुए संशोधित राजस्व निरीक्षक नियमावली 2017 कैबिनेट से पारित कराने, लेखपालों की पदोन्नति द्वारा राजस्व निरीक्षकों के समस्त रिक्त पदों को भरने की मांग की है। लेखपालों की मांग में लेपटॉप और स्मार्ट फोन मुहैया कराया जाना शामिल है। ज्ञापन सौंपने वालों में भोजराज सिंह, चंद्र पाल सिंह शाक्य, राज कपूर, विनोद यादव, नंदलाल, महावीर सिंह, प्रमोद यादव, सत्यवीर सिंह, प्रेमपाल सिंह, हरि सिंह, चंद्र मणि आदि मौजूद रहे।
जलेसर में छह सूत्रीय मांगों को पूर्ण न किय जाने को लेकर आक्रोशित उप्र लेखपाल संघ ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करने के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
संघ के अध्यक्ष भोगीलाल यादव ने कहा कि शासन ने संघ की जायज मांगों को अतिशीघ्र पूर्ण किये जाने का आश्वासन दिया था। मगर अभी तक लेखपालों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। पवन कुमार, सुरेश चंद्र, विजेंद्र पाल, मुन्ना लाल, राजेश कुमार, महावीर सिंह, संतोष कुमार, शेतान सिंह, बृजराज सिंह, ओमवीर सिंह, सूर्यप्रकाश यादव, खगेंद्र पाल सिंह, जितेंद्र कुमार, सौरभ चौहान, अजय कुमार मौर्य आदि मौजूद रहे।