एटा। शहर के प्रतिष्ठित अविनाशी सहाय आर्य इंटर कालेज में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। प्रबंध समिति ने अपने अधिकारों का गलत प्रयोग कर चार कक्षाओं को तुड़वाकर 17 दुकानों का निर्माण करा दिया। जांच में खुलासा हुआ है कि प्रबंध समिति ने विद्यालय की संपत्ति को निजी संपत्ति की तरह प्रयोग किया है। डायट प्राचार्य ने मामले की रिपोर्ट सीडीओ को सौंपी है।
शहर के निधौली रोड स्थित अविनाशी सहाय आर्य इंटर कालेज में चार जर्जर कमरों को तोड़कर पुनर्निर्माण, विद्यालय का गेट और 17 दुकानें बनवाई थीं। शरद कुमार मामले की शिकायत पर सीडीओ ने डायट प्राचार्य मनोज गिरि से मामले की जांच कराई। जांच में सामने आया है कि कालेज प्रबंध समिति ने 17 दुकानों के निर्माण के लिए डीआइओएस और मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक से अनुमति ली थी। अनुमति में साफ निर्देश दिए गए कि कक्षों के पुनर्निर्माण और दुकान निर्माण से विद्यालय में व्यवधान नहीं होगा और दुकानों से प्राप्त आय संस्था हित में व्यय होगी। डायट प्राचार्य ने स्थलीय सत्यापन किया तो मामला कुछ और निकला।
जांच में सामने आया है विद्यालय प्रबंध समिति ने चार शिक्षण कक्षों का निर्माण नहीं कराया। जबकि 17 दुकानें बनवा दी गईं। जब दुकान आवंटन प्रक्रिया को लेकर पूछताछ हुई तो प्रबंधक ने कहा कि प्रति दुकान निर्माण के लिए दो लाख पचास हजार रुपये और एक हजार रुपये प्रतिमाह लिया जाएगा। जांच में पता चला कि प्रबंध समिति ने दुकानों के निर्माण के लिए एडवांस में पैसा लेकर खाते में जमा नहीं किया और राशि नगद में लेकर खर्च कर दी। जांच अधिकारी ने इसे अवैधानिक और वित्तीय अनियमितता माना है। रिपोर्ट में कहा है कि दुकानों के आवंटन में नीलामी प्रक्रिया नहीं अपनाई है। डायट प्राचार्य ने विद्यालय प्रबंध समिति को परिसंपत्तियों को नुकसान पहुंचाने का उत्तरदायी मानते हुए सीडीओ को रिपोर्ट सौंपी है। सीडीओ उग्रसेन पांडेय ने बताया कि आर्य विद्यालय में वित्तीय अनियमितता को लेकर जांच रिपोर्ट मिली है। जिसे डीएम को भेजा गया है। डीआइओएस को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।