फिरोजाबाद। हाइकोर्ट से लड़ाई हराने के बाद सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी। नगर निगम के प्रभारी अधिकारी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए नई दिल्ली गए थे, परंतु सुनवाई नहीं हो सकी।
पालिका बोर्ड में शासन से ग्रांट कटौती के बाद ठेके पर तैनात सभी पंपचालकाें को बिना वेतन बाहर का रास्ता दिखाया था। पंपचालकाें ने अपने हक के लिए श्रम न्यायालय की शरण। श्रम न्यायालय ने पंपचालकों के हक में फैसला दिया तो नगर निगम हाइकोर्ट चला गया। लंबी लड़ाई के बाद पंपचालकों को हाइकोर्ट ने भी जीत मिली।
हाइकोर्ट ने निर्देश दिए थे कि सभी पंपचालकों को बकाया वेतन भुगतान के साथ नए पंपचालकों को हटाकर पुरानों को काम पर रखा जाए। नगर निगम प्रशासन को यह आदेश भी रास नहीं आया। नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट शरण ली। सुप्रीम कोर्ट में 102 पंपचालकों के मामले में सुनवाई होनी है। गुरुवार को सुनवाई की तिथि निर्धारित थी। प्रभारी नगर आयुक्त प्रमोद कुमार सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए गए थे। उन्होंने बताया कि आज सुनवाई नहीं हो सकी है। आगे तिथि बढ़ गई है।