गोरहा में गुरुवार को आगरा के श्रद्धालुओं के साथ हुई मारपीट की घटना के बाद ही पुलिस कार्रवाई के भय से बाजार के दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। शुक्रवार को भी दुकानदारों ने दुकानें नहीं खोलीं। लोगों में पुलिस की कार्रवाई का भय है। श्रद्धालुओं की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी में 14 अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है।
गौरतलब है कि गुरुवार को छेड़छाड़ के मामले को लेकर श्रद्धालुओं ने दो आरोपी युवकों के साथ मारपीट कर दी थी। चूंकि दोनों युवक स्थानीय थे, जिसके चलते स्थानीय लोगों ने युवकों से मारपीट कर रहे श्रद्धालुओं पर धावा बोल दिया और मारपीट कर दी। श्रद्धालुओं की ओर से इस मामले में नौरंगी लाल व 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
एफआईआर के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया था। पुलिस की कार्रवाई से लोग भयभीत हो गए और उन्होंने दुकानें नहीं खोली। पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार सिंह पुलिस ने कार्यालय जाते समय गोरहा पर सन्नाटे के हालात देखे, तो उन्होंने कोतवाली पुलिस को निर्देशित किया कि पुलिस मौके पर जाकर इन लोगों को भरोसा दे कि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। कोतवाली पुलिस के निरीक्षक रिपुदमन सिंह ने गोरहा पहुंचकर लोगों से बातचीत की और बाजार खोलने को कहा। पुलिस से बातचीत के बाद लोग बाजार खोलने को तैयार हुए, लेकिन सायं का समय होने के कारण ज्यादातर लोग दुकान खोलने के पक्ष में नहीं थे।