कलश यात्रा में शामिल श्रद्धालु
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बिछवां (मैनपुरी)। जैली प्रभादेवी पब्लिक स्कूल स्थित श्री संकट मोचन मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा व रासलीला के शुभारंभ से पूर्व कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा में कन्याएं व महिलाएं सिर पर कलश रखकर गांव जिरौली जालिम नगर, रामनगर में भ्रमण करते हुए कथा पंडाल में पहुंचीं।
भागवत कथा के प्रथम दिन आचार्य यशवीर दीक्षित ने धुदकारी चरित्र पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संसार में हर एक पिता पुत्र की कामना करता है। पुत्र की कामना करने वाले पिता की पुत्र कभी इच्छा पूर्ण नहीं कर पाता है। उसका पुत्र सपूत ही नहीं बनता बल्कि ही कभी कभी कपूत भी हो जाता है। इसलिए परमात्मा से पुत्री या पुत्र दोनों को एक समान ही प्रसाद में मांगना चाहिए। दोनों को प्रभु का प्रसाद समझकर अच्छे संस्कार देना चाहिए। जिस प्रकार मकान की नींव कमजोर होती है तो वह मकान ज्यादा समय तक नहीं टिकता है उसी प्रकार से बालक को बचपन में ही यदि अच्छे संस्कार न दिए गए तो वह आपकी इच्छाओं को कभी पूरा नहीं कर सकता है। इसलिए माता पिता को अपने बच्चों को अच्छे संस्कार अवश्य देना चाहिए।
अजीत सिंह चौहान, कृष्णा चौहान, राजीव चौहान, गीता चौहान, विकास चौहान, गुड्डू चौहान, बलवीर सिंह चौहान आदि मौजूद थे।