शिकोहाबाद (फिरोजाबाद)। तहसीलदार की लापरवाही के चलते एक परिवार को दिन भर कमरे में बंद रहना पड़ा। जब पीड़ित परिवार के मुखिया ने उच्चाधिकारियों और भाजपा नेता व एसडीएम के संज्ञान में मामला आया तो प्रशासनिक अधिकारियों में भी खलबली मच गई। एसडीएम ने टीम भेज कर मकान का ताला तुड़वा कर परिवार को आजाद कराया।
मामला थाना क्षेत्र के मोहल्ला अतुल बिहार का है। यहां निवासी अतुल यादव पुत्र रामनरेश यादव मकान में रहते हैं। अतुल ने 2015 में मौजा चितावली में 2800 वर्ग फुट जगह खरीदी थी, जिसमें कुछ हिस्सा बना हुआ था। एक साल बाद उन्होंने यह जमीन सरला यादव को बेच दी। लेकिन इस जमीन को कामर्सियल में दिखा कर कम स्टांप लगा कर एक लाख 64 हजार की रिकवरी निकाल दी। लेकिन इसकी जानकारी अतुल व परिवार को नहीं हुई। दो दिन पूर्व तहसीलदार ने घर जाकर आरसी काटने की जानकारी दी।
आठ जून को 1लाख20 हजार रुपये बैंक में चालान द्वारा जमा कराए। इसके बाद भी शुक्रवार को तहसीलदार नरेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ मकान पर पहुंचे और पीड़ित के मकान पर अपना ताला लगा कर सील लगा दी। इस दौरान टीम ने मकान के अंदर गृह स्वामी की पत्नी रश्मी और उनके दो बच्चे अंदर बंद कर दिए। बाहर से ताला लगाने के बाद पीड़ित परिवार ने तहसीलदार से अनुनय विनय की, लेकिन अपने अधिकार का दुरुपयोग करते हुए उन्होंने एक भी नहीं सुनी। जब यह मामला पीड़ित अतुल ने उच्चाधिकारियों और भाजपा नेताओं के संज्ञान में डाला प्रशासनिक अधिकारियों में खलबली मच गई। मामला बढ़ता देख एसडीएम संगमलाल यादव ने आनन-फानन में टीम भेज कर मकान की सील तुड़वा दी। इसके बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली। लेकिन पीड़ित परिवार तहसीलदार की इस कार्यवाही से काफी आहत है।
इस संबंध में एसडीएम संगमलाल यादव ने बताया तहसीलदार ने उनके संज्ञान में लाए बगैर मकान सील किया है। जब उनके संज्ञान में आया तो जिलाधिकारी नेहा शर्मा को अवगत कराया। इसके बाद टीम भेज कर सील तुड़वा दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में तहसीलदार नरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार व संग्रह अमीन से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।