मथुरा। उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम के प्रबंध निदेशक ने गुरुवार को जयगुरुदेव आश्रम से जुडे़ औद्योगिक साइट-ए का स्थलीय निरीक्षण किया। साथ ही डीएम से मुलाकात के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन कें संबंध में चर्चा की। कोर्ट ने जयगुरुदेव संस्था के कब्जे वाली यूपीएसआईडीसी की जमीन को खाली कराने के निर्देश दिए हैं।
राजेंद्र सिंह की जनहित याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के बाद मथुरा पहुंचे यूपीएसआईडीसी के प्रबंध निदेशक रणवीर सिंह ने मथुरा में औद्योगिक साइट ए में जयगुुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के कब्जे वाले संपूर्ण क्षेत्र को देखा। इसमें यूपीएसआईडीसी की भी जमीन मौजूद है। इस पर चारदीवार करा ली गई है। यह संपूर्ण क्षेत्र 139 एकड़ का है जो जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था और यूपीएसआईडीसी के बीच विवादित है।
प्रबंध निदेशक ने जनहित याचिका में शामिल उन पार्कों को भी देखा जिन्हें यूपीएसआईडीसी के अफसरों ने पार्क से बदलकर व्यवसायिक प्लाट के रूप में बेच दिया है। हाईकोर्ट ने इनका स्वरूप पार्क के रूप में ही बरकरार रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इन पार्कों पर हुए निर्माण को भी देखा। इस पर आवंटियों को मुआवजा भी दिया जाना है।
18 सितंबर तक यूपीएसआईडीसी और डीएम को रिपोर्ट हाईकोर्ट में दाखिल करनी है। डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी के साथ उनकी जमीन को खाली कराए जाने के संदर्भ में भी चर्चा की। इसमें केशवधाम में आयोजित आरएसएस के कार्यक्रम के बाद कार्ययोजना बनाए जाने पर विचार किया गया।