मैनपुरी। अब यूनिफार्म वितरण में धांधली नहीं हो सकेगी। यूनिफार्म की गुणवत्ता खराब और रेडिमेड यूनिफार्म का वितरण पाए जाने पर प्रधानाध्यापक के विरुद्ध कार्रवाई होगी। सभी न्याय पंचायतों मेें आदेश जारी किए हैं।
मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि सभी प्रभारी अधिकारी आवंटित न्यायपंचायत में आने वाले सभी विद्यालयों का निरीक्षण कर निशुल्क यूनिफार्म की उच्च गुणवत्ता का कपड़ा खरीदने और बच्चों की नाप के अनुसार सिलाई करवाने के लिए प्रतिदिन विद्यालयों का निरीक्षण करेंगे। किसी भी विद्यालय में नाप के अनुसार यूनिफार्म न मिले और रेडीमेड यूनिफार्म का वितरण मिले तो वह इसकी जानकारी प्रारूप पर अंकित करेंगे।
मुख्य सचिव के निर्देश के बाद बीएसए ने टीम गठित करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बीएसए ने परिषदीय विद्यालयों में उच्च गुणवत्तापूर्ण निशुल्क यूनिफार्म वितरण का निरीक्षण करने के लिए ब्लाकवार टीम गठित कराने के निर्देश खंड शिक्षाधिकारियों को दिए हैं।
इनके सहयोग के लिए न्याय पंचायत स्तर पर 80 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी विजय प्रताप सिंह का कहना कि मुख्य सचिव के आदेशानुसार कार्य कराया जा रहा है।
नवीन शिक्षा सत्र में परिषदीय विद्यालयों में पढ़ रहे करीब एक लाख 20 हजार विद्यार्थियों को यूनिफार्म दी जाएगी, लेकिन शासन ने अभी मात्र तीन हजार के लिए ही पैसा भेजा है। विभाग ने धनराशि बैंक में डाल दी है।