1902 में बिछाई गई सीवर लाइन
शहर को गंदगी से निजात दिलाने के लिए वर्ष 1900 के नगर पालिका एक्ट के बाद 1902 में आगरा शहर में 80 हजार रुपये की लागत से सीवर लाइन बिछाई गई, जिसका काम 1904 में पूरा हुआ। यह सीवर लाइन हाथीघाट से आगे और आगरा किला के पास यमुना में जाकर मिलती थी। वर्ष 1863 में नगर निकाय के गठन के समय आगरा शहर की आबादी 1.49 लाख थी, जो 1881 में बढ़कर 1.6 लाख हो गई। 1850 वर्ग मील में पूरा आगरा फैला हुआ था और 1201 गांव इसका हिस्सा थे। पूरे जिले की आबादी तब 9.74 लाख थी और 1.65 लाख घर जिले में मौजूद थे। हर मील में 89 घरों का औसत था।