फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra: डेढ़ सौ साल पहले आगरा किले से चलती थी शहर की सरकार, जानिए नगर पालिका का इतिहास

Fri, 09 Dec 2022 09:35 AM IST
मुकेश कुमार अमित कुलश्रेष्ठ, अमर उजाला आगरा

सार

आगरा में 159 साल पहले शहर की सरकार बनाई गई, जिसे आगरा म्यूनिसिपलिटी का नाम दिया गया। वर्ष 1900 में नगर पालिका का कार्यालय शिफ्ट कर मोतीगंज स्थित दाराशिकोह की लाइब्रेरी में लाया गया।
विज्ञापन
आगरा किला और दाराशिकोह की लाइब्रेरी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नगर निकाय चुनाव में शहर की सरकार को फिर से चुनने का वक्त आ गया है। ब्रिटिश राज में नार्थ वेस्ट प्रोविंस की राजधानी रहे आगरा में 159 साल पहले शहर की सरकार बनाई गई, जिसे आगरा म्यूनिसिपलिटी का नाम दिया गया। वर्ष 1863 में आगरा म्यूनिसिपलिटी का कार्यालय आगरा किला में बनाया गया, जिसे वर्ष 1900 में शिफ्ट कर मोतीगंज स्थित दाराशिकोह की लाइब्रेरी में लाया गया। आगरा किले से मोतीगंज और फिर 1960 के दशक में नगर पालिका का कार्यालय एमजी रोड पर शिफ्ट किया गया। इन 159 सालों में शहर की सरकार तीन जगहों से चली है।

विज्ञापन


ब्रिटिश राज में वर्ष 1863 में म्यूनिसिपलिटी के गठन के समय मजिस्ट्रेट ही बोर्ड के अध्यक्ष होते थे। शुरूआत में इसके सभी सदस्य सरकारी थे, लेकिन बाद में बदलाव की प्रक्रिया में म्यूनिसिपलिटी में 21 सदस्यों का बोर्ड बनाया गया, जिसमें पांच सरकारी और 16 गैर सरकारी सदस्य चुने गए। नगर निकायों पर शोध कर चुके तरुण शर्मा के मुताबिक ब्रिटिश राज में शुरू की गई आगरा म्यूनिसिपलिटी में चेयरमैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और सिविल सर्जन के साथ सरकार द्वारा नामित दो अधिकारी होते थे, जबकि 16 वार्डों से जनता के लोग नामित किए गए।

1893 में लगाया गया वाहन, जानवर पर टैक्स

शुरूआत में यमुना नदी के पुल से आवागमन, नाव पर टैक्स वसूलने के साथ आयात पर टैक्स आगरा म्यूनिसिपलिटी वसूलती थी, पर 1893 में पहली बार वाहनों और जानवरों पर टैक्स लगाया गया। नगर निकाय विशेषज्ञ राजीव सक्सेना ने बताया कि 150 साल पहले तब पालिका की आय का सबसे बड़ा स्रोत चुंगी (नगर में प्रवेश करने वाले माल और वाहनों पर कर) था। जीवनीमंडी में वाटरवर्क्स की स्थापना के बाद 1892 में वाटर टैक्स लगाया गया।  

विज्ञापन

1902 में बिछाई गई सीवर लाइन

शहर को गंदगी से निजात दिलाने के लिए वर्ष 1900 के नगर पालिका एक्ट के बाद 1902 में आगरा शहर में 80 हजार रुपये की लागत से सीवर लाइन बिछाई गई, जिसका काम 1904 में पूरा हुआ। यह सीवर लाइन हाथीघाट से आगे और आगरा किला के पास यमुना में जाकर मिलती थी। वर्ष 1863 में नगर निकाय के गठन के समय आगरा शहर की आबादी 1.49 लाख थी, जो 1881 में बढ़कर 1.6 लाख हो गई। 1850 वर्ग मील में पूरा आगरा फैला हुआ था और 1201 गांव इसका हिस्सा थे। पूरे जिले की आबादी तब 9.74 लाख थी और 1.65 लाख घर जिले में मौजूद थे। हर मील में 89 घरों का औसत था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें