स्कूल के लिए दान की गई 15 बिस्वा भूमि प्रबंधक ने प्लॉटिंग कर बेच दी। मजिस्ट्रेट की संयुक्त जांच में खुलासा होने के बाद डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीआईओएस ने संपत्ति खुर्दबुर्द करने के आरोप में स्कूल की प्रबंध समिति भंग करने की सिफारिश संयुक्त शिक्षा निदेशक को भेजी है।
मामला फतेहाबाद स्थित इरादतनगर के सार्वजनिक इंटर कॉलेज का है। लटीपुरा निवासी वासुदेव ने हाईकोर्ट में प्रत्यावेदन देकर प्रबंध समिति पर अनियमितताओं के आरोप लगाए। दान की गई भूमि को अवैध ढंग से बेचने, फर्जी नियुक्तियां करने और दान की भूमि पर कृषि से आय अर्जित करने के गंभीर आरोप थे। मामला राजस्व से जुड़ा होनेे के कारण हाईकोर्ट ने डीएम को निस्तारण के निर्देश दिए।
डीएम ने अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय व जिला विद्यालय निरीक्षक की संयुक्त जांच कमेटी बनाई। कमेटी ने दोनों पक्षों के बयान व साक्ष्य लिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार वासुदेव के नाना नेकराम ने तीन बार में कुल 16 बीघा, 9 बिस्वा, 1 विश्वांसी भूमि दान की थी, जिसमें प्रबंधक ने 15 बिस्वा भूमि प्लॉटिंग कर बेच दी।
डीआईओएस चंद्रशेखर का कहना है कि डीएम के आदेश पर प्रबंध समिति के विरुद्ध अपव्यय अधिनियम 1974 की धारा 16डी में कार्रवाई की गई है। संयुक्त शिक्षा निदेशक को रिपोर्ट भेजी है। इसमें प्रबंध समिति को भंग करने और शासन स्तर से कार्रवाई की सिफारिश की गई है। डीएम ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर डीआईओएस को कार्रवाई के आदेश दिए थे।