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शराब विरोधी अभियान का नहीं दिख रहा असर

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मैनपुरी। शराब विरोधी अभियान का जिले में कोई असर नहीं दिख रहा है। पुलिस भी मामूली धाराओं में चालान कर आरोपियों को जेल भेज रही है। बता दें कि पूर्व में कुरावली में निर्मित शराब से एटा में 15 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद भी पुलिस कार्रवाई में कोताही बरत रही है।
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आजमगढ़ में जहरीली शराब से नौ लोगों की मौत के बाद शासन की ओर से प्रदेश भर में आठ से 15 जुलाई तक शराब विरोधी अभियान चलाने के आदेश दिए थे। उक्त आदेशों पर जिले में अमल तो शुरू हुआ मगर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है।

कुरावली क्षेत्र में शराब कारोबार के लिए बदनाम गांव अलूपुरा, गोकुलपुर, तिमनपुर के समीप काली नदी किनारे पुलिस ने कई भट्ठियां तोड़कर नष्ट कीं लेकिन आरोपी नहीं पकड़े। कोई कामयाबी न मिलने के बाद थाना पुलिस ने 15 और 20 लीटर शराब सहित बंदी दिखाकर आरोपियों को जेल भेजना शुरू कर दिया। कुछ ऐसा ही किशनी में भी हुआ। 20 लीटर कच्ची शराब सहित बंदी दिखाकर आरोपी को जेल भेजा।
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जिन पर बरामदगी के लिहाज से गंभीर धाराएं भी नहीं बनतीं। भोगांव पुलिस ने भी 30 लीटर शराब के साथ अलग अलग तीन आरोपियों को चालान कर जेल भेजा। उन पर भी गंभीर धाराएं नहीं लगाई गई। वहीं बिछवां और कुरावली पुलिस ने बीते शनिवार को छह आरोपियों का चालान कर जेल भेजा था।

जिले में कच्ची शराब के अलावा गैर प्रांत की शराब का धंधा जोरों पर चल रहा है। बेवर क्षेत्र में भी भाजपा के एक पूर्व विधायक इस कारोबार में संलिप्त पाए गए। अभी तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार भी नहीं कर सकी है। इसके अलावा गांव नवादा, धारऊ, इटौरा, भोजपुरा, केलनपुर, अंगौथा नगरिया आदि गांव शराब कारोबार के लिए जाने जाते हैं। थाना कोतवाली क्षेत्र और भोगांव स्थित गिहार कालोनियों में कच्ची शराब बेचने में महिलाएं और बच्चे लगे हुए हैं।

शराब कारोबार के विरुद्ध अभियान चलाने के निर्देश सभी थानाध्यक्षों को दिए गए हैं। जो भी प्राप्त आदेश में कोताही बरतने वाले दंडित होंगे। पुलिस ने कई आरोपियों को शराब सहित बंदी बनाकर जेल भेजा है।
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- ओमप्रकाश सिंह, एएसपी
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