मैनपुरी। बेसिक शिक्षा विभाग की प्रक्रिया के चलते जिले में स्थानांतरित होकर आए शिक्षकों को विद्यालय आंवटन नहीं हो पा रहा है। विभागीय प्रक्रिया में 145 शिक्षकों का विद्यालय आवंटन लटक गया है। 2 महीने से ये शिक्षक हस्ताक्षर कर अपने घरों पर आराम फरमा रहे हैं। दूसरी तरफ स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जून में अंतरजनपदीय स्थानांतरण किए गए थे। 210 शिक्षकों का बाहरी जनपद के लिए स्थानांतरण किया गया था, जबकि 213 शिक्षक जिले में बाहरी जनपद से स्थानांतरण के बाद भेजे गए थे। बाहरी जनपद से आने वाले 145 शिक्षकोंं ने 2 महीने पहले ही बीएसए कार्यालय में पदभार ग्रहण किया है। 2 महीने बाद भी उनको विद्यालय आवंटन नहीं हो सका है। इसके चलते ये शिक्षक बीएसए कार्यालय में हस्ताक्षर करने के बाद घर पर आराम फरमा रहे हैं। दूसरी तरफ जिले से 210 शिक्षकों को बाहरी जनपद के लिए जाने के बाद स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो रही है। यहां से शिक्षकों के जाने के बाद नए शिक्षक के नहीं आने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। अधिकारी विभागीय प्रक्रिया की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
200 स्कूलों में प्रभावित हो रही शिक्षण व्यवस्था जिले के 200 से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां 5 कक्षाओं के लिए मात्र 2 शिक्षकों की तैनाती है। इनमें से दोनों शिक्षकों को बीएलओ की ड्यूटी सौंप दी गई है। शिक्षक बीएलओ के कार्य में व्यस्त रहते हैं और परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है। बच्चे परिषदीय स्कूलों से निजी स्कूलों की तरफ जाने को मजबूर हैं।