मैनपुरी। जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। बुखार का प्रकोप इस कदर है कि महज 15 दिनों में बुखार पीड़ित 6 मरीजों की मौत हो चुकी है। बुधवार को बुखार से पीड़ित मासूम, पुलिसकर्मी के पुत्र समेत युवक की मौत हो गई। जिला अस्पताल में बुखार से पीड़ित 21 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया है। 2 मरीजों की हालत बिगड़ने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किया गया है।
जिले में बुखार से मरने वालों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। जिला अस्पताल में बुधवार को बुखार से पीड़ित 321 मरीज पहुंचे। इनमें से 21 मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। थाना भोगांव क्षेत्र के गांव जसवंतपुर निवासी उपेंद्र कुमार के 3 माह के पुत्र हर्ष को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका भोगांव के एक निजी अस्पताल में उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर बुधवार की दोपहर बच्चे को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सदर कोतवाली में तैनात हैड कांस्टेबल रामकुमार के इकलौते 18 वर्षीय पुत्र नितिन को 3 दिन पूर्व बुखार आया था। परिजन ने शहर के एक निजी अस्पताल में उसका उपचार कराया। रक्त की जांच कराने पर नितिन को डेंगू की पुष्टि हुई। हालत बिगड़ने पर नितिन को सैफई मेडिकल काॅलेज के लिए रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान बुधवार की सुबह नितिन की मृत्यु हो गई। हैंड कांस्टेबल मूलरुप से जनपद इटावा के गांव घनश्यामपुर के रहने वाले हैं। इकलौते पुत्र की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
थाना बरनाहल क्षेत्र के गांव इस्मायलपुर निवासी संतोष कुमार के 18 वर्षीय पुत्र अंकित कुमार को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे लेकर बुधवार को जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुधवार को मरीजों की भीड़ रही। फिजीशियन और बालरोग विशेषज्ञ के कक्ष में बुखार के मरीज बड़ी संख्य में पहुंचे। यहां 321 मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया गया। 21 मरीज जिला अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराए गए। इनमें से दो मरीज गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज सैफई के लिए रेफर किए गए।
जिला अस्पताल प्रशासन डेंगू के मरीजों से संबंधित जानकारी को लगातार छुपा रहा है। जिला अस्पताल में भर्ती 2 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिले। जिन्हें गुपचुप तरीके से अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि 2 दिन से डेंगू पॉजिटिव को सामान्य मरीजों के साथ भर्ती रखा गया था। बुधवार को उन्हें छुटटी दे दी गई है।
जिला अस्पताल में भर्ती बुखार से पीड़ित 7 मरीज डेंगू संदिग्ध हैं। इनकी विभाग ने गोपनीय तरीके से डेंगू जांच कराई है। इन मरीजों को अस्पताल की दूसरी मंजिल पर भर्ती किया गया है। मरीजों के तीमारदारों का कहना था कि अभी उनकी जांच रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।