वृंदावन (मथुरा)। परिक्रमा मार्ग में 24 अप्रैल की रात को गोरे दाउजी के मंदिर के पास बेहोशी की हालत में गो रक्षकों को महिला मिली। इसकी सूचना कनकधारा फाउंडेशन की संस्थापिका डॉ. लक्ष्मी गौतम को दी, जिसके बाद उन्होंने महिला को राधिका अपना घर भिजवाया।
होश आने पर महिला ने अपना नाम 40 वर्षीय नीतू निवासी अजमेर बताया। उसके अनुसार संतान न होने के कारण पति ने उसे घर से निकाल दिया तो वह आगरा तक ट्रेन से और बुधवार रात बस से मथुरा पहुंची।
मथुरा में आश्रय के लिए भटकती रही तो लोगों ने वृंदावन जाने के लिए कह दिया। महिला ने टेंपो चालक से वृंदावन में किसी आश्रय स्थल में छोड़ने के लिए कहा। आरोप है कि रास्ते में टेंपो चालक ने कोल्डड्रिंक पिलाकर उसे बेहोश कर दिया और उसके पर्स में रखे साढ़े चार हजार रुपये और तीन सोने की अंगूठी छीनकर उसे सड़क पर छोड़ गया।