श्रीमद्भागवत कथा सुनते भ्ाक्तजन।
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मैनपुरी-ज्योंती। राजा हरिश्चंद्र ने सत्य पर चलने के कारण तमाम कष्ट सहन किए। फिर भी वह सत्य के मार्ग पर हमेशा टिके रहे। हर परीक्षा में वह सत्य के मार्ग से डिगे नहीं। यह प्रवचन कथा वाचिका शीतल कुमारी ने दिए। नगर पंचायत ज्योंती खुड़िया में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन करते हुए कथा वाचिका ने कहा कि सत्यवादी राजा हरिश्चंद्र कभी सत्य के मार्ग से नहीं डिगे। राजा हरिश्चंद्र के चरित्र को लेकर हम सभी को इस पर मनन करना चाहिए।
हमको उनके आचरण से सीख लेनी चाहिए। भगवान पता नहीं कौन-कौन सी परीक्षाएं लेता है। ईश्वर से बढ़कर कोई नहीं है। जब ईश्वर का डंडा चलता है तो कोई नहीं बचा पाता है। हर व्यक्ति को भागवत के माध्यम से मनन कर लेना चाहिए। सब कुछ रुपया ही नहीं होता है। मनुष्य का चरित्र भी देखा जाता है। अच्छे चरित्र वालों की आज भी इज्जत है। जिस व्यक्ति का चरित्र गिर जाता है तो उससे बड़ा कोई नीच नहीं होता है। इस मौके पर तुलसीराम, राममोहन, वेदराम, शिवलाल, रामकुमार, प्रशांत कुमार, रघुवर दयाल मौजूद रहे।