मथुरा। फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले में एक बार फिर जांच एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं। शासन की सख्ती के बाद हरकत में आई मथुरा पुलिस ने मंगलवार की देर रात तक छापेमारी की। हालांकि कोई गिरफ्तारी तो नहीं हुई है लेकिन हड़कंप मचा रहा।
एसटीएफ ने 20 जून को शिक्षक भर्ती घोटाले का खुलासा करके बीएसए के बाबू समेत 16 लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। इनमें बाबू, कंप्यूटर आपरेटर और शिक्षक थे। फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमाकर नियुक्तियां दिलाई गईं थीं। पंद्रह-पंद्रह लाख रुपये लिए गए थे। एसटीएफ ने खुलासा करने के बाद विवेचना और शेष बचे लोगों की गिरफ्तारी के लिए मामला पुलिस को दे दिया था। लेकिन पुलिस ने इसमें अभी तक कोई कार्रवाई ही नहीं की।
पिछले दिनों एसटीएफ ने भी इस संबंध में पुुलिस कप्तान को पत्र भेजा था। वहीं कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिलकर इस मुद्दे को उठाया था। लोगों का कहना था कि पुलिस नेटवर्क को खंगाल नहीं पा रही है। जिन अफसरों ने गोलमाल किया था उन पर कार्रवाई नहीं हो रही है।
इतना ही नहीं जो फरार चल रहे हैं उन पर इनाम भी घोषित नहीं किया जा रहा है। इस पर शासन ने मथुरा पुलिस को कड़ी फटकार भी लगाई है। शासन की सख्ती के बाद पुलिस ने इस मामले में कई जगह दबिश दी है। हालांकि सूचना तो यहां तक है कि तीन लोगों को उठाया भी गया है लेकिन पुलिस अधिकारी इससे साफ इंकार कर रहे हैं।