कासगंज। श्राद्ध अमावस्या मंगलवार को भी मानी गई। मंगलवार को सुबह से ही घाटों पर गंगास्नान करने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। गंगास्नान कर श्रद्धालुओं ने पितरों को तर्पण किया और श्राद्ध पूजा आयोजित कर ब्राह्मणों को दान दक्षिणा दी।
सोमवार के बाद मंगलवार को भी भी श्रद्धालुओं ने पितृ अमावस्या मानते हुए श्राद्ध अनुष्ठान आयोजित किए। गंगाघाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। राजस्थान, मध्यप्रदेश की ओर से आने वाले श्रद्धालु पूर्व संध्या से ही गंगाघाट पर पहुंच गए। गंगाघाटों पर रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार सुबह पितरों का स्मरण करते हुए स्नान किया और तर्पण किया।
गंगाघाटों पर तीर्थ पुरोहित भी श्राद्ध अनुष्ठान कराते नजर आए। गंगा मइया के जयकारों के बीच गंगास्नान का क्रम देर शाम तक चला। सोरों में हरिपदी पर भी यही नजारा रहा। कुशा घास हाथ में लेकर श्रद्धालु गंगास्नान कर पितरों का तर्पण कर रहे थे। दोपहर तक श्राद्ध पूजा का सिलसिला चला। श्रद्धालुओं ने पितरों को मनाते हुए सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद सामर्थ्य के अनुसार श्रद्धालुओं ने दान दक्षिणा दी गई।
आज से शुरू हो जाएंगे मांगलिक कार्य
कासगंज। पितृ पक्ष का समापन होने के साथ ही नवरात्र के पहले दिन बुधवार से मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। पितृ पक्ष में कोई भी नया कार्य शुरू नहीं किया जाता। नवरात्र पर्व शुरू होते ही नए प्रतिष्ठानों के शुभारंभ आदि के कार्य हो सकेंगे।