मैनपुरी। तथ्य छिपाकर जमीन की खरीद फरोख्त करने वालों पर भी अब सरकार की नजर है। 20 लाख रुपये से अधिक में कराए गए 21 बैनामे चिह्नित किए गए हैं। सूचीबद्ध किए गए बैनामों का ब्योरा शासन को भेजा जाएगा। जमीन बेचने और खरीदने वालों को तथ्यों सहित अब अपना पक्ष सरकार के सामने रखना होगा।
प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद कर और राजस्व चोरी करने वालों पर शिकंजा कसना शुरू किया गया है। तथ्य छिपाकर महंगी जमीनों का कम कीमत पर बैनामा कराने की शिकायतें सरकार तक पहुंचने के बाद अब सरकार ने उन पर नजर टेढ़ी की है। सूत्रों की मानें तो महंगी जमीनों को खरीदने के लिए कई बार प्रभावशाली पक्ष आमने-सामने तक आए हैं। जो पक्ष बैनामा नहीं करा पाता है। वह शासन तक राजस्व चोरी करने की शिकायत करता है। सरकार ने 20 लाख से अधिक कीमत के बैनामों का ब्योरा मांगा है।
शासन के निर्देश के बाद जिले में 20 लाख से अधिक कीमत के 21 बैनामे चिह्नित किए हैं। रजिस्ट्री कार्यालयों के अभिलेख खंगालने के बाद प्रशासन द्वारा चिह्नित किए गए बैनामों का ब्योरा शासन को भेजा जाएगा। ऐसे लोगों पर राजस्व चोरी के साथ ही अन्य तरह की निरोधात्मक कार्रवाई तक हो सकती है। बिना पंजीकरण कराए जिले भर में कई लोग प्रॉपर्टी डीलिंग करके कॉलोनियां बनाने का काम कर रहे हैं। महंगी जमीनों को कम स्टांप शुल्क देकर खरीदने के बाद महंगे दामों पर बेच रहे हैं। वांछित औपचारिकताएं पूरी कराए बिना ही कई स्थानों पर कॉलोनियों तक का निर्माण करा दिया जाता है। सूत्रों की मानें तो सरकार प्रॉपर्टी डीलिंग करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है।