मथुरा। ताजेवाला बांध (हथिनी कुंड) से यमुना में तीन दिन पहले छोड़ा गया 1.38 लाख क्यूसेक पानी अभी मथुरा पहुंचा नहीं कि शनिवार को 3.11 लाख क्यूसेक और अतिरिक्त पानी छोड़े जाने से खलबली मच गई है। यमुना से सटे निचले इलाकों में रह रहे लोग विचलित होने लगे हैं। उन्होंने इस स्थिति से निपटने के लिए नए ठिकानों की तलाश शुरू कर दी है। प्रशासनिक अफसर भी यमुना का जायजा लेते हुए लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह कर रहे हैं।
इस बार बरसात के मौसम में 26 जुलाई को यमुना में सबसे अधिक पानी 1.38 लाख क्यूसेक ताजेवाला बांध से छोड़ा गया था। इस पानी के 29 जुलाई की मध्य रात्रि तक मथुरा पहुंचने की संभावना है। इसे सामान्य मानकर चल रहे जिला प्रशासन को शनिवार पूर्वाह्न 11 बजे सूचना मिली कि ताजेवाला बांध से 3.11 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ दिया गया है, जिसके मथुरा में दो अगस्त तक पहुंचने की संभावना है।
इसे देखते हुए तत्काल हरकत में आए जिला प्रशासन ने सभी बाढ़ चौकी और बाढ़ नियंत्रण कक्ष के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिए। एडीएम वित्त रवींद्र कुमार ने सभी एसडीएम को सतर्क कर दिया। मथुरा शहरी क्षेत्र एसडीएम सदर क्रांतिशेखर सिंह ने यमुना के निचले इलाकों का जायजा लिया। राजस्व टीम को यमुना किनारे की कालोनियों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों जाने के लिए निर्देशित किया।
यमुना का चेतावनी लेवल-165.20 मीटर
यमुना में खतरे का निशान-166.00 मीटर
मथुरा में अधिकतम जल स्तर-169.73 मीटर वर्ष 1978
शनिवार को यमुना का जल स्तर
प्रात:11 बजे ताजेवाला बांध-311190 क्यूसेक
प्रात:11 बजे ओखला बैराज-57647 क्यूसेक
शाम 7 बजे मथुरा प्रयागघाट-164.57 मीटर
अप स्ट्रीम-163.60 मीटर
डाउन स्ट्रीम-161.70 मीटर
आगरा के लिए डिस्चार्ज-17111 क्यूसेक