मथुरा। जनपद में 25 और शिक्षकों के प्रमाण पत्रों में हेराफेरी पकड़ी गई है। इस तरह अब तक फर्जीवाड़े के तहत नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों की संख्या जनपद में 33 हो गई है। इन सभी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जांच की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
12460 शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान जनपद में चयनित 216 शिक्षकों के नित नए फर्जीवाड़े खुलकर सामने आ रहे हैं। पिछले चार दिन से चल रही जांच में अब तक 33 ऐसे शिक्षक पकड़ में आए हैं, जिनके मूल और जमा प्रमाण पत्रों में अंतर है।
इसमें 25 शिक्षक गुरुवार को जांच के दौरान पकड़ में आए हैं। इसमें देवेंद्र, ममता शर्मा, प्रदेश कुमार, सुनील सारस्वत, लव सिंह, ओम प्रकाश, महेश शर्मा, योगेश कुमार, पवन कुमार, अजित सिंह, संध्या, राधाकांत उपमन्यु, प्रतिमा, रवि उपाध्याय, रोहित शर्मा, कृष्णकांत उपमन्यु, मतांगी, ललित सारस्वत, कौशल शर्मा, कन्हैया सिंह, पंकज सारस्वत, सुनील सारस्वत, लाडली प्रसाद, अनीता और जितेंद्र सिंह शामिल हैं।
इन सभी के मूल प्रमाण पत्र और नियुक्ति के लिए प्रस्तुत प्रमाण पत्रों में अंतर मिला है। किसी प्रमाण पत्र पर संबंधित अफसर के हस्ताक्षर नहीं हैं तो अधिकांश में बढ़े हुए अंक पाए गए हैं। डायट प्राचार्य डॉ. मुकेश अग्रवाल ने बताया कि बीएसए संजीव कुमार सिंह ने सभी को नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
आवेदन के दौरान दर्शाई योग्यता भी बदली
मथुरा। शिक्षकों के फर्जीवाड़े में पूरी तरह से विभागीय संलिप्तता सामने आ रही है। आवेदन के दौरान दर्शाई गई योग्यता को जनपद स्तर पर बदल दिया गया। इतना ही नहीं बदली हुई योग्यता के प्रमाण पत्र भी नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान बीएसए आफिस में जमा कर दिए गए। गुरुवार को 25 में से 19 ऐसे ही मामले सामने आए हैं। यह प्रमाण पत्र भी फर्जी हैं। शिक्षक नियुक्ति में इस फर्जीवाड़े को बीएसए आफिस के साथ मिलकर गिरोह ने अंजाम दिया है। इसमें प्रत्येक नियुक्ति पर 10 से 15 लाख रुपये तक के लेनदेन की चर्चा है। यही कारण है साक्षात्कार के दौरान फर्जी प्रमाण पत्रों की जांच को विभागीय अधिकारियों ने नकार दिया।