मथुरा। यमुना में गिर रहे नालों के गंदे पानी को लेकर सोमवार को एक बार फिर डीएम, नगर आयुक्त सहित कई आलाधिकारियों की राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) में पेशी होगी। हालांकि नालों के पानी की रिपोर्ट पहले ही अफसरों ने एनजीटी में दाखिल कर दी है।
सिटीजन वेलफेयर सोसाइटी की जनहित याचिका पर सोमवार को एनजीटी में सुनवाई होनी है। इसमें डीएम सर्वज्ञराम मिश्र, प्रभारी नगर आयुक्त डा. सुशील अग्रवाल, महाप्रबंधक जलकल मंजू गुप्ता और जल निगम के अफसरों को हाजिर होना है। एनजीटी यमुना में गिर रहे पानी की स्थिति पर विचार करेगी।
प्रशासन की ओर से उत्सर्जित जल और उसे शोधित करने की रिपोर्ट एनजीटी में दाखिल कर दी है। इसके मुताबिक शहर में 48.5 एमएलडी पानी उत्सर्जित हो रहा है। इसके सापेक्ष नगर निगम 25 एमएलडी पानी को ही ट्रीट कर पा रहा है। इस रिपोर्ट को दाखिल करने से पहले डीएम ने खुद मथुरा-वृंदावन में संचालित एसपीएस और एसटीपी का निरीक्षण किया है। स्थिति बेहद चिंताजनक मिली थी।