मथुरा। महानगर को देश के स्वच्छ शहरों में शामिल करने की उम्मीदों को निगम के अधिकारी ही पलीता लगा रहे हैं। उन्होंने शहर में पर्याप्त मात्रा में कूड़ेदान तक नहीं लगाए गए हैं। पूरे शहर में मात्र 200 कूड़ेदान रखे हुए हैं, जबकि इसके करीब चार गुने कूड़ेदानों की आवश्यकता है।
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए भले ही नगर निगम की ओर से प्रचार प्रसार के जरिए प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन वस्तुस्थिति इसके विपरीत है। नगर निगम ने शहर में मात्र 200 कूड़ेदान से ही काम चलाया जा रहा है। इनमें से सौ कूड़ेदान बड़े और 100 छोटे हैं। इनमें से 40 कूड़ेदान डूडा की ओर से रखवाए गए हैं। इन्हें फिलहाल जमुनापार क्षेत्र में रखवाया गया है। बाकी अन्य कूड़ेदान शहर में ही रखे गए हैं।
शहर में शामिल 51 गांवों में अभी निगम की ओर से कोई कूड़ेदान नहीं रखवाया गया है। शहर में स्वच्छता विभाग की ओर से किए गए सर्वेक्षण में करीब 750 बिंदु चिह्नित किए गए हैं जहां कूड़ेदान रखे जाने हैं। इसके चलते गली मोहल्लों में गंदगी बिखरी पड़ी है। नगर आयुक्त उज्ज्वल कुमार ने बताया कि जल्द ही कूडे़दान खरीदे जा रहे हैं। इन्हें ऐसे स्थानों पर रखवाया जाएगा जहां कूड़ेदान अभी तक नहीं रखे गए हैं।