मथुरा। महानगर की माता गली में रहने वाले द्वारिकाधीश मंदिर के पैरोकार की उनके ही घर में हत्या कर दी गई। उनका शव कमरे में चारपाई पर पड़ा मिला। खुलासा भी तब हुआ जब चामुंडा कालोनी में रहने वाली उनकी इकलौती बेटी पिता का हाल जानने पहुंची। बेटी ने अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। वहीं पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस ने बिसरा सुरक्षित रख लिया है।
कोतवाली की माता गली निवासी कैलाश उपाध्याय उर्फ बंशी गुरु (70) पुत्र नवनीत लाल कीर्तनिया द्वारिकाधीश मंदिर के पैरोकार थे। पत्नी शिमला की मौत हो गई है। इकलौती बेटी नेहा की शादी के बाद वह घर में अकेले ही रहते थे। रविवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे चामुंडा कालोनी में रहने वाली उनकी बेटी नेहा पति राहुल के साथ जब पिता का हाल जानने के लिए पहुंची तो दरवाजा खुला था और एक कमरे में चारपाई पर उसके पिता कैलाश उपाध्याय का शव पड़ा था।
पिता की लाश देख नेहा की चीख निकल गई। शोरशराबा सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। फोरेंसिक टीम ने भी क्राइम सीन से साक्ष्य जुटाए। बेटी नेहा की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं पोस्टमार्टम से हत्या की गुत्थी उलझ गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी है। कोतवाली प्रभारी शिवप्रताप सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की कोई बात नहीं आई है। हो सकता है कि हार्टफेल हो गया हो।