एटा। जिले में पेयजल परियोजनाएं बंद पड़ी हैं और ग्रामीण पानी के लिए तरस रहे हैं। आलम यह है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी परियोजनाएं सही से काम नहीं कर पा रही हैं। पिछले दिनों मंडलीय सत्यापन में अधिकारियों को जिले की 16 ग्रामीण पाइप्ड पेयजल परियोजनाएं बंद मिलीं। रिपोर्ट मिलने के बाद संयुक्त विकास आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए पेयजल परियोजनाओं को चालू कराने के निर्देश दिए हैं।
पिछले दिनों शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त ने जिले की परियोजनाओं का मंडलीय सत्यापन कराया। इसके तहत मंडलीय अधिकारियों ने मौके पर जाकर परियोजना की सही स्थिति को जाना। इसमें सामने आया कि जिले की 16 पेयजल परियोजनाएं पूरी तरह से बंद है।
वहीं आठ परियोजनाओं को आपरेटर मानदेय मिलने से संचालित नहीं कर रहे हैं। अधिकारियों की जांच आख्या मिलने के बाद संयुक्त विकास आयुक्त हीरा सिंह ने नाराजगी जताई है। साथ ही डीएम को निर्देश देते हुए कहा है कि पेयजल परियोजनाओं को चालू कराया जाए। वहीं लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इन गांवों की पेयजन परियोजनाएं मिली बंद
ब्लॉक शीतलपुर के गांव चमकरी, लोया, परला, मिलावली, युसूफपुर, हिम्मतपुर चाचरमऊ, घिलौआ, बरथरी, नरहरा, औराई, भगीपुर, जलेसर ब्लॉक के गांव मोहनपुर, नगला सुखदेव, निधौलीकलां ब्लॉक के गांव जिटौली, रफतपुर सैंथरा, चिरगवां, सकीट ब्लॉक के गांव घुमरिया, मलावन।
इन अधिकारियों ने किया सत्यापन
उप दुग्धशाला विकास अधिकारी अलीगढ़, संयुक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी ़अलीगढ़, एक्सईएन सिंचाई अलीगढ़, उपनिदेशक मंडी एटा, परियोजना प्रबंधक सीएंडडीएस अलीगढ़, एक्सईएन पैकफेड, उपनिदेशक मंडी परिषद अलीगढ़।