मथुरा। आगरा और मथुरा में 100 चोरियां और डकैती लूट की 24 वारदातों को अंजाम देने वाला गैंग गिरफ्तार कर लिया गया है। जिस वक्त इन बदमाशों को गिरफ्तार किया गया था उस समय यह सभी चंदनवन में एक मकान में डकैती डालने जा रहे थे।
पुलिस के अनुसार इस गैंग में 20 बदमाश हैं। किसी जगह वारदात करने से पहले पूरी रेकी करते हैं। भागने का रास्ता तलाशते हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद दस दिनों तक भूमिगत हो जाते हैं। जब मामला ठंडा पड़ जाता है तब बाहर निकलते हैं चोरी किए सामान को ठिकाने लगते हैं। 22 मार्च की तत्वदर्शी वाटिका में फार्मासिस्ट के घर हुई लूट में भी इसी गैंग का हाथ था। बदमाशों ने यहां से आठ लाख का कैश और हजारों की नकदी व जेवरात लूट लिए थे। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी श्रवण कुमार ने बताया कि इन बदमाशों ने 100 से ज्यादा चोरी की घटनाएं की हैं। लूट और डकैती की वारदातों को भी कबूला है। हाईवे थाना प्रभारी निरीक्षक गिरीश चंद तिवारी और स्वाट टीम प्रभारी हरवेंद्र मिश्रा ने इस गैंग के छह बदमाश दबोचे हैं। पकड़े गए इटावा के गांव मुच्चानगरी निवासी विजय यादव, बलदेव के गांव सरखंडखेड़ा निवासी मानवेंद्र, बलदेव के पटलौनी निवासी जगवीर, आगरा के बूढ़ी का नगला निवासी राजू जाटव, आगरा के गांव ककरेटा निवासी धर्मेंद्र ठाकुर एवं आगरा के नगला पदी निवासी दिनेश कुशवाहा हैं। इनके कब्जे से 1.80 लाख की नकदी, दो एलईडी, दो एसी, एक बाइक, चार तमंचे, चाकू समेत 30 कारतूस बरामद हुए हैं।
आगरा की टेढ़ी बगिया में सुनार के यहां गलवा देते थे जेवर
मथुरा। डकैती, चोरी एवं लूट की वारदातों ने पहले इन बदमाशों का एक साथी जगवीर पहले रेकी करता था। टारगेट के बाद अपने साथियों को बुलाकर घर में अकेली महिला को पाकर वारदात करते थे। जेवरात लूटने के बाद तत्काल आगरा की टेढ़ी बगिया में सुनार के यहां गलवा देते थे, जिससे की पुलिस न पकड़ सके। उसके बाद सोने को बेच देते थे।
इन घटनाओं का हुआ खुलासा
22 मार्च का तत्वदर्शी वाटिका, 18 जून ओमधाम कालोनी, 26 जून को इंदुपुरम एवं दामोदरपुरा के शांति नगर, सात जुलाई को हाईवे सिटी में फौजी के घर, 15/16 अगस्त दामोदरपुरा के शांतिनगर, तीन अगस्त को औरंगाबाद की बांकेबिहारी कालोनी, 24 अगस्त को डीजीसी रेवेन्यू में घटनाएं स्वीकार की हैं।