हाईकोर्ट के निर्देश के बाद शासन-प्रशासन ने निकाय चुनाव को लेकर अभी से सक्रिय हो गया है। चुनाव लड़ने के इच्छुक लोग नगर निगम से वोटर लिस्ट प्राप्त करने को चक्कर काटने लगे हैं।
निकाय चुनाव के मद्देनजर नगर निगम ने पहले 60 वार्डों के हिसाब से वोटर लिस्ट तैयार की थी। शासन के निर्देश पर चले मतदाता पुनरीक्षण अभियान में 60 वार्डों को ही मानते हुए नए वोटर जोड़ने व संशोधन का कार्य कराया गया। निकाय चुनाव की घोषणा होने के बाद नगर निगम ने 70 वार्डों के हिसाब से परिसीमन तैयार कराया।
नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारियों ने मात्र केवल बंद कमरे में बैठकर गली-मोहल्लों को काट दिया। इससे एक वार्ड का क्षेत्र दूसरे वार्ड में जुड़ गया तथा दूसरे वार्ड का हिस्सा अन्य किसी वार्ड में जुड़ गया।
नगर निगम के गलत वार्डों के परिसीमन से वोट इधर-उधर हो गए। इसकी शिकायतें शासन-प्रशासन तक की गई। सैकड़ों आपत्तियां दर्ज कराई गईं। नगर निगम द्वारा वार्डों के हिसाब से वोटर लिस्ट दुरुस्त करने को अभियान शुरू किया जाएगा। निकाय चुनाव की तिथि घोषित होने के बाद शुक्रवार को कई लोग मतदाता सूची प्राप्त करने के लिए नगर निगम पहुंचे।