समायोजन निरस्त होने के बाद शिक्षकों के हित में फैसला न लिए जाने के विरोध में धरना प्रदर्शन फिर से शुरू हो गया। समायोजित शिक्षकों के साथ असमायोजित शिक्षामित्र भी इस आंदोलन का हिस्सा बने हैं। गुरुवार को आंदोलनकारियों ने प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार का घेराव किया। हंगामा करते हुए नारेबाजी की।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले 15 दिन के आश्वासन का समय पूर्ण होने के बाद समायोजित शिक्षक ने जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया है। असमायोजित शिक्षामित्रों को भी अपना भविष्य सुरक्षित नजर नहीं आ रहा, इसलिए इस आंदोलन में भाग लेने के लिए पहुंचे। दोपहर में प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक करने पहुंचे, तभी समायोजित शिक्षक एवं असमायोजित शिक्षामित्र उनका घेराव करने के लिए पहुंच गए। जब प्रमुख सचिव सभागार से नहीं निकले तो कार्रवाई समायोजित शिक्षकों ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब आधा घंटे बाद प्रमुख सचिव ज्ञापन लेने के लिए सभागार से बाहर निकले। समायोजित शिक्षकों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। प्रमुख सचिव ने भी उनकी समस्याओं को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।
आदर्श शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष श्रीओम यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 1.72 लोगों के भविष्य के बारे में कुछ नहीं सोचा है। जबकि शिक्षामित्रों ने आधी से ज्यादा उम्र शिक्षा विभाग के नाम कर दी है। अगर सरकार जल्द फैसला नहीं लेगी तो लखनऊ और दिल्ली में आंदोलन करेंगे।
बेहोश हुई समायोजित शिक्षिका
तेज धूप में समायोजित शिक्षकों का धरना प्रदर्शन चल रहा था तभी तेज गर्मी के चलते समायोजित शिक्षिका गौरी वर्मा बेहोश हो गई। लोगों ने पानी डाला, तब होश आया। एसडीएम ने उन्हें ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया।
फिर पटरी से उतरी जिले की शिक्षा व्यवस्था
फिरोजाबाद। शिक्षकों के धरना-प्रदर्शलन करने से जिले की शिक्षा व्यवस्था फिर पटरी से उतर गई। जिले के कई विद्यालयों में ताला लटक गया। वहीं, कई स्कूलों में सिर्फ एक-एक ही शिक्षक बचे थे। मौके का फायदा उठाते हुए कई नियमित शिक्षक भी स्कूल बंद करके गायब हो गए।
समायोजन निरस्त होने के बाद परिषदीय स्कूलों में शिक्षामित्र नहीं पहुंचे। इसलिए स्कूलों में सन्नाटा पसरा रहा। छात्र गुरुजी का इंतजार करते रहे हैं। जो स्कूल सिर्फ शिक्षामित्रों के भरोसे हैं, उन स्कूलों में ताला पड़ा रहा। वहीं, जहां शिक्षामित्र के अलावा सहायक अध्यापक तैनात है। वहां पढ़ाई बाधित रही। प्राथमिक विद्यालय आर्यनगर बालक में शिक्षामित्र नहीं पहुंचे। इसलिए शिक्षा व्यवस्था चौपट रही। वहीं, प्राथमिक विद्यालय आर्यनगर में दो शिक्षामित्र हैं, कोई भी स्कूल नहीं पहुंचा। इधर, प्राइमरी कटरा कन्या और प्राइमरी स्टेशन रोड पर ताला लगा रहा। यहां शिक्षामित्र के साथ सहायक अध्यापक तैनात हैं।
22 से धरना देगा प्राथमिक शिक्षक संघ
समायोजित शिक्षकों के साथ असमायोजित शिक्षामित्रों का धरना प्रदर्शन चल रहा है। लंबित पड़ी मांगों को लेकर प्राथमिक शिक्षक संघ भी प्रदेश आव्हान पर धरना प्रदर्शन करेगा। जिलाध्यक्ष डा. शौर्यदेवमणि यादव ने बताया कि धरना प्रदर्शन 22-23 अगस्त को जिला मुख्यालय पर किया जाएगा। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में प्रोन्नति होनी है लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। शिक्षकों को वेतनवृद्धि की हानि उठानी पड़ रही है। इसके अलावा कई बिंदु हैं, जिनको लेकर सकार को ज्ञापन दिया जा चुका है। अगर जल्द समस्या का निदान नहीं होगा तो सभी शिक्षक धरना प्रदर्शन करेंगे।