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राज्य सरकार को लाना चाह एि अध्यादेश

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मैनपुरी। सुप्रीम कोर्ट के समायोजन रद्द करने के बाद शिक्षामित्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। तीसरे दिन भी जिले के शिक्षामित्रों ने तिकोनिया पार्क में विरोध-प्रदर्शन किया। शिक्षामित्रों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश पर तात्कालिक रूप से सरकार को पुनर्विचार याचिका दाखिल करनी चाहिए। उनके परिवारों को तबाह होने से बचाने के लिए याचिका दाखिल होने और निर्णय होने तक उनको सहायक अध्यापक पद ही कार्य करने दिया जाए। वहीं, सभी शिक्षक संगठन भी शिक्षामित्रों के समर्थन में उतर आए हैं।
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पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सुबह नौ बजे से ही बड़ी संख्या में शिक्षामित्र कलक्ट्रेट पहुंचने लगे। उन्होंने सरकार के विरोध में नारेबाजी की। शिक्षामित्रों का कहना था कि प्रदेश सरकार की लचर पैरवी के कारण ही यह आदेश आया है। इस दौरान हेम सिंह यादव ने कहा कि नियुक्ति के समय 90 प्रतिशत शिक्षामित्रों की शैक्षिक योग्यता स्नातक थी। वहीं जनपद में 40 प्रतिशत शिक्षामित्र टीईटी उत्तीर्ण हैं। सनत पांडेय ने भी विचार रखे।

धर्मेंद्र सिंह यादव ने कहा कि पुनर्विचार याचिका दाखिल करने और उसके निर्णय होने पर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक पद पर कार्य करने दिया जाए। इसके बाद एसडीएम अमित सिंह मौके पर पहुंचे और शिक्षामित्रों से कहा कि राज्य सकार से उनके हित को लेकर वार्ता चल रही है। इस मौके पर गर्मी के चलते कई शिक्षामित्रों की तबियत बिगड़ने से स्वास्थ्य खराब हो गया। शुभम शक्ति भदौरिया, विनीत चौहान, विवेक यादव, सुमन यादव, अशोक यादव, नरेंद्र पांडेय, विजय मिश्रा, अवधेश यादव, संध्या, ममता, वंदना चौहान, शशी, रानी, अनीता, रीना, जयश्री कुशवाह, प्रीती यादव आदि मौजूद थे।
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सोमवार को विरोध में जिले के सभी स्कूल रहेंगे बंद
शिक्षामित्रों ने सोमवार को जिले भर के स्कूल विरोध में बंद रखने की घोषणा की। इस घोषणा का कई शिक्षक संगठनों समर्थन किया। साथ ही कहा कि शिक्षामित्रों के समर्थन में वह जिले के विद्यालय बंद रखेंगे।

दोपहर 12 बजे के बाद पहुंचा पुलिस बल
शिक्षामित्रों के धरना प्रदर्शन में जिन पुलिस कर्मियों और पीएसी की ड्यूटी लगाई गई थी। प्रदर्शन सुबह नौ बजे शुरू हो गया लेकिन दोपहर 12 बजे तक फोर्स मौके पर नहीं पहुंचा। जबकि भीड़ को देखते हुए कुछ भी हो सकता था। इसकी जानकारी जब एएसपी ओपी सिंह को हुई तो उन्होंने तत्काल ड्यूटी पर लगाए गए फोर्स को बुलाने के निर्देश दिए। तब जाकर धरना स्थल पर फोर्स पहुंचा। धरना प्रदर्शन सुबह नौ बजे से शुरू हो गया था जो शाम चार बजे तक चला।
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