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सफाई कर्मियों की जगह बच्चे कर रहे सफाई

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ज्योंती (मैनपुरी)। नगर पंचायत ज्योंती खुड़िया के आधे से अधिक वार्डों में खुद सफाई कर्मचारियों के बच्चे काम कर रहे हैं। किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर आज तक इन पर नहीं पड़ी है। यही वजह है कि पढ़ने की उम्र में बच्चे हाथ में झाडू लेकर सुबह ही घरों से काम पर निकल आते हैं।
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नगर पंचायत में 10 वार्ड हैं। इनमें से आधे से अधिक में आठ से 10 साल तक के बच्चे सफाई करने के लिए सुबह से ही घरों से काम पर निकल आते हैं। सर्दी हो या गर्मी सुबह चार बजे ही घराें से निकलने वाले बच्चे सफाई करते समय लोगों की आए दिन डांट भी खाते हैं। लोगों का कहना है कि वार्डों में तैनात सफाई कर्मचारी अपने बच्चों से ही अपने वार्डों में सफाई कराते हैं। चाहे वह सफाईकर्मी नियमित हों अथवा संविदा कर्मी। एक तरफ सरकार करोड़ों सर्व शिक्षा अभियान पर खर्च कर रही है। वहीं सफाई कर्मचारी अपने बच्चों के जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे सफाई कर्मचारियों के खिलाफ बालश्रम के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। नगर पंचायत अध्यक्ष को भी निरीक्षण कर कार्रवाई होनी चाहिए।

10 वार्ड में 20 सफाईकर्मी
नगर पंचायत में 10 वार्ड हैं। सफाई के लिए पांच नियमित सफाई कर्मचारी, 10 संविदाकर्मी, पांच ठेके पर रखे गए सफाई कर्मचारी हैं। नगर पंचायत में एक ही बार सफाई कराई जाती है। कई कर्मचारी तो सफाई करने अपने बच्चों को भेजते हैं।
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बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा का कहना है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों से काम कराना बालश्रम के दायरे में आता है। बालश्रम कराने वालों के खिलाफ सजा का भी प्रावधान है। अगर शिकायत मिलती है तो कार्रवाई जाएगी।
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