कासगंज। एसबीआई ग्रामीण शाखा के ग्राहक सेवा केंद्र गोरहा पर घोटाले की जांच रिपोर्ट टीम ने तैयार कर ली है। जांच में केंद्र संचालक के साथ-साथ बैंक और ओरियल कंपनी को भी घोटाले का मुख्य जिम्मेदार माना गया है। जांच कमेटी जल्द ही रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष पेश करेगी। हालांकि अभी तक पीड़ित उपभोक्ताओं को भुगतान दिलाने की कोई ठोस योजना तैयार नहीं की गई है।
डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने घोटाले की जांच के लिए एलडीएम महेश प्रकाश के नेतृत्व में जांच कमेटी बनाई है। एसपी अशोक कुमार शुक्ल ने केंद्र संचालक के खिलाफ सोरों कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। प्रशासन और पुलिस ने अलग अलग स्तर से जांच शुरू की। दोनों की जांच में ओरियल कंपनी और भारतीय स्टेट बैंक की ग्रामीण शाखा को शामिल किया गया है। पुलिस फिलहाल जांच में जुटी है, लेकिन प्रशासनिक टीम ने प्राथमिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली है। जांच में पाया कि घोटाले के लिए बैंक और अधिकृत कंपनी ओरियल भी जिम्मेदार है। जांच में पाया गया कि कंपनी और बैंक ने सही से पर्यवेक्षण नहीं किया। निगरानी की होती तो घोटाला नहीं होता। जांच टीम द्वारा तैयार रिपोर्ट प्रशासन के समक्ष पेश की जाएगी। इसके बाद प्रशासनिक उच्चाधिकारी अग्रिम कदम उठाएंगे। जांच रिपोर्ट तैयार है, लेकिन ग्राहक सेवा केंद्र के उपभोक्ताओं को न्याय मिलता नहीं दिख रहा। उपभोक्ताओं के भुगतान की अभी तक कोई ठोस योजना नहीं बनी है। उनका भुगतान कौन करेगा यह स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं है। हालांकि जांच कमेटी बैंक और ओरियल कंपनी को भुगतान के लिए अपनी जांच इंगित कर रही है। वहीं घोटाले का मास्टर माइंड केंद्र संचालक अर्जुन भूमिगत है। पुलिस जांच के साथ साथ उसकी तलाश में जुटी हुई है।
कंपनी नहीं दे रही कोई जवाब
कासगंज। ग्राहक सेवा केंद्र ओरियल कंपनी का केंद्र था। धरोहर राशि खाते के अलावा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज ओरियल कंपनी के पास हैं, लेकिन कंपनी जांच में सहयोग नहीं कर रही है। गुरुग्राम पहुंचने की जानकारी जांच अधिकारियों ने ईमेल से भेजी लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर जांच टीम ने लिखित पत्र भेजते हुए नोटिस जारी कर दिया। इसके बाद भी कंपनी कोई जवाब नहीं दे रही है।
- जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। बैंक और ओरियल कंपनी भी घोटाले के जिम्मेदार है। यदि उन्होंने जिम्मेदारी से निगरानी की होती तो ग्राहकों के साथ जालसाजी नहीं हो पाती।
- महेश प्रकाश, एलडीएम/अध्यक्ष जांच कमेटी।