वृंदावन (मथुरा)। हाईकोर्ट द्वारा यमुना खादर में बने मकानों के ध्वस्तीकरण पर रोक लगाने के निर्णय पर वहां के लोगों ने प्रशंसा की है। कोर्ट के इस फैसले ने जहां उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी है वहीं, लोगों ने पूर्व में विकास प्राधिकरण के नोटिस पर तोड़े गए 40 से अधिक मकानों को पुन: बनवाने की अनुमति की मांग की है।
एनजीटी ने यमुना किनारे खादर भूमि को निर्माण से मुक्त रखने और उस पर बने निर्माण को ढहाने का आदेश दिया था। इसी की भेंट वृंदावन के कालीदह, सूरज घाट, जुगल घाट, विहार घाट, हुड़दंग नगर, पानी घाट आदि क्षेत्रों के करीब 40 मकान चढ़े थे। हाईकोर्ट के निर्णय के बाद एक बार फिर यहां के लोगों के चेहरों पर यमुना खादर में पुन: आश्रय स्थल बनाने की उम्मीद जगी है।