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गंदगी में श्रेष्ठ, शहर का श्रेष्ठ वार्ड

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गंदगी में श्रेष्ठ, शहर का श्रेष्ठ वार्ड - फोटो : अमर उजाला
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एटा। जगह-जगह कूड़े के ढेर, गंदगी से अटी पड़ी नालियां और सड़क पर बहता गंदा पानी। शहर के स्वच्छ वार्ड नंबर 23 की हकीकत कुछ यही है। यहां गंदा पानी लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है, तो कूड़े के ढेर लोगों के लिए आफत का सबब बन रहे हैं। जिला प्रशासन और पालिका ने वार्ड को स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा में श्रेष्ठ पुरस्कार दिया है। मगर वार्ड के हालात प्रतिस्पर्धा में किए गए आकलन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। दरअसल, हाल ही में शासन के निर्देश पर जिले के स्थानीय निकायों में स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा कराई गई थी जिसमें नगर पालिका एटा के वार्ड नंबर 23 विजय नगर कालोनी को स्वच्छ वार्ड घोषित कर श्रेष्ठ पुरस्कार प्रदान किया गया है। मगर वार्ड के हालात बदतर हो चुके हैं। पढ़िए रिपोर्ट....
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गंदगी से अटी पड़ी हैं सड़कें
वार्ड नंबर 23 विजय नगर कालोनी में सड़कें गंदगी से अटी पड़ी हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। पूरे दिन आवारा पशु वार्ड में विचरण करते रहते हैं। कूड़े के ढेर लोगों के लिए परेशानी का सबब बनते हैं।
सड़क पर बह रहा गंदा पानी
नगर पालिका के वार्ड नंबर 23 में नालियां चोक हो चुकी हैं। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। आलम यह है कि पानी की निकासी के इंतजाम ठप होने से सड़कों पर जलभराव है।
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कूड़ेदान भी नदारद
वार्ड को स्वच्छ घोषित कर पालिका ने कोरम पूरा कर लिया हो, लेकिन वार्ड में कूड़ा डालने के लिए कूड़ेदान तक नहीं है। ऐसे में लोग कूड़ा सड़कों पर ही डाल देते हैं।
प्रतिस्पर्धा पर उठ रहे सवाल
शासन के निर्देश पर कराई गई स्वच्छ वार्ड प्रतिस्पर्धा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब वार्ड में इतनी गंदगी है, तो कैसे वार्ड को स्वच्छ घोषित कर दिया गया? वार्ड को लेकर किए गए आकलन में टीम ने मानकों को दरकिनार कर दिया? वार्ड को श्रेष्ठ घोषित करने को लेकर चर्चा का आलम है।
कहते हैं लोग
वार्ड में सफाई को लेकर कोई काम नहीं हो रहा है। सफाई को लेकर वार्ड को श्रेष्ठ कैसे घोषित कर दिया गया?
दिलीप यादव
जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। श्रेष्ठ वार्ड कहना तो हास्यापद है।
सुबोध तिवारी
वार्ड में सफाई के नाम पर कोई काम नहीं होता। कूड़ेदान तक नहीं रखे गए हैं। ऐसे श्रेष्ठ कैसे हो गया वार्ड?
गौरव शर्मा
वार्डृ में सफाई का नामोनिशान नहीं है। पालिका और प्रशासन ने इसमें कोई न कोई खेल किया है।
रोहित कुमार
इनका कहना है
सफाई स्थाई नहीं होती। वार्ड में दो बार सफाई होती है। जलभराव की समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
नीरज कुमार, सभासद प्रतिनिधि
थर्ड पार्टी सत्यापन और जनता के फीडबैक के आधार पर वार्ड को श्रेष्ठ स्थान मिला है। सफाई के प्रति लोगों के सहयोग की अपेक्षा है। ताकि सफाई में जिला अव्वल बन सके।
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आईपी पांडेय, डीएम
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