कासगंज। निजी क्षेत्र में इलाज कराने वाले क्षय रोगियों की लापरवाही से पोषण योजना में तो बाधा आ ही रही है। साथ ही मरीजों को भी नुकसान उठाना पड़ रहा है। मरीजों के गलत डाटा फीडिंग करा देने से विभाग उनको योजना का लाभ नहीं दे पा रहा।
शासन से पुनरीक्षित राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण अभियान संचालित है। इस योजना के तहत पहले सरकारी क्षेत्र में इलाज कराने वाले मरीजों को ही पोषण योजना का लाभ दिया जा रहा था, लेकिन शासन ने योजना के तहत पांच सौ रुपये प्रतिमाह का लाभ निजी क्षेत्र में इलाज कराने वाले मरीजों को भी देने का निर्णय लिया। इस योजना का लाभ देने के लिए निजी क्षेत्र के मरीजों को भी अपना आधार नंबर, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पता आदि अंकित कराना अनिवार्य कर दिया।
जनपद में सरकारी क्षेत्र से अधिक इलाज निजी क्षेत्र मे क्षय रोगी करा रहे है। सरकारी क्षेत्र में वर्तमान वर्ष में 1250 मरीजों ने अपना इलाज कराया है। जबकि निजी क्षेत्र में 2165 मरीजों ने अपना इलाज कराया है। इन मरीजों ने अपने मोबाइल नंबर व पते गलत अंकित करा दिए हैं जबकि अपने आधार व बैंक पासबुक अभी तक जमा नहीं किए हैं।
जिससे विभाग इन मरीजों को योजना का लाभ देने मेें दिक्कत आ रही है। जिला प्रतिरक्षण अधकिारी एसपी सिंह ने कहा कि जो भी मरीज निजी क्षेत्र में अपना इलाज करा रहे हैं,वे अपना आधार नंबर बैंक पास बुक जमा कर दें। अपना मोबाइल नंबर व पता भी सही अंकित कराएं। जिससे उनको पोषण योजना के तहत खाते में धन भेजा जा सके।