मैनपुरी। दिवाली पर अवकाश से पहले ही एटीएम ने अपनी छुट्टी कर ली। कैश के लिए लोगों को दिनभर मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इससे बैंकों में भी ग्राहकों का दबाव बढ़ गया। दिनभर बैंकों में ग्राहकों की भीड़ लगी रही। वहीं, एटीएम से भी लोग मायूस होकर लौटते रहे। दिवाली पर हर किसी को रुपयों की जरूरत थी, लेकिन जरूरत के वक्त ही एटीएम दगा दे गए। हाल ये रहा कि अधिकतर एटीएम पर लटके नो कैश के बोर्ड लोगों की मुश्किलें बढ़ाते रहे। शहर में ही अकेले 35 एटीएम हैं, लेकिन स्टेट बैंक व एचडीएफसी बैंक के एटीएम के अलावा सभी एटीएम बंद थे। कहीं नो कैश के बोर्ड टांग दिए गए थे तो कहीं शटर ही बंद कर दिया गया था। ऐसे में एटीएम पर रुपये निकालने के लिए आने वाले लोगों को मायूसी के अलावा कुछ भी हाथ नहीं लग सका।
देखते ही देखते खत्म हो गया कैश
शहर के आगरा रोड स्थित एचडीएफसी बैंक के एटीएम में कैश लोड किया गया था। जैसे ही बैंक के कर्मचारियों ने कैश लोड करने के बाद शटर खोला वैसे ही यहां ग्राहकों की कतार लगना शुरू हो गई। कतार इतनी अधिक बढ़ गई कि डेढ़ घंटे में एटीएम में कैश खत्म हो गया। इसके बाद एटीएम पर तैनात सुरक्षाकर्मी ने शटर बंद कर दिया।
बैंकों के बंद होने से पहले सभी एटीएम में कैश लोड करा दिया जाएगा। इससे लोगों को परेशानी नहीं होगी। लोग भी कैश के चक्कर में न फंसकर सीधे कार्ड से ही भुगतान करें तो बेहतर होगा।
नेकराम, अग्रणी जिला प्रबंधक, मैनपुरी।
लोगों की बात
एटीएम में कैश न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। आज भी डिजिटल पेमेंट के बारे में लोगों को जानकारी नहीं है। इसलिए समस्याएं आ रही हैं।
दीपक अग्रवाल, आयकर अधिवक्ता।
हर बार त्योहार व अन्य जरूरतों के समय पर ही एटीएम में कैश की किल्लत होती है। इसके लिए बैंकों द्वारा पहले से कोई तैयारी नहीं की जाती है।
अमित यादव, व्यापारी।
अगर समय रहते बैंक सभी एटीएम में कैश फुल करा दें तो लोगों को परेशानी न हो। कई बार तो जरूरतमंद लोगों को भी कैश नहीं मिल पाता है।
महेश चंद्र, दुकानदार।
अगर सभी एटीएम में कैश हो तो दिक्कत ही नहीं होगी। औसतन एक एटीएम पर दबाव कम हो जाएगा, लेकिन जिम्मेदार ही लापरवाही करते हैं।
जमालुद्दीन, दुकानदार।