कासगंज/सोरों। तीर्थस्थल के रूप में विकसित किए जा रहे सोरों के विकास और सौंदर्यीकरण की फाइनल डीपीआर को तैयार कर लिया गया है। यह डीपीआर 114 करोड़ का है। आर्किटेक्ट इंजीनियर की टीम ने कलक्ट्रेट में शनिवार को प्रजेंटेशन दिया। इसके बाद डीएम ने प्रजेंटेशन को स्वीकृत करते हुए एक सप्ताह में डीपीआर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
सोरों के विकास के डीपीआर की लागत 99.22 करोड़ की है इसके अलावा जीएसटी व अन्य खर्चे मिलाकर यह लागत 114 करोड़ पर पहुंची है। तीर्थनगरी में चित्तौडगढ़ के स्तंभ की तर्ज पर 60 मीटर ऊंचा स्तंभ बनाया जाएगा। जिसके अंदर स्तंभ की ऊपरी मंजिल तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां लगेंगी। लोग इस स्तंभ के माध्यम से तीर्थनगरी के नजारे को देख सकेंगे। इस स्तंभ पर 6 करोड़ 73 लाख रुपये खर्च होंगे। नया ऑडिटोरियम बनेगा। चंद्र कुंड को नए सिरे से विकसित किया जाएगा। जहां श्रद्धालु स्नान भी कर सकेंगे।
एक विद्युत शवदाह गृह भी बनेगा। इसके अलावा हरि की पौड़ी की विशेष सज्जा की जाएगी। वराह मंदिर, द्वारिकाधीश मंदिर, मानस मंदिर, सत्संग भवन, परिक्रमा मार्ग आदि का विस्तार होगा। सीताराम मंदिर और बटुकनाथ मंदिर में भी विकास होंगे। तीर्थनगरी में 4 मंदिरनुमा गेट बनाए जाएंगे। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत ने कहा कि शासन की मंशा तीर्थनगरी के अच्छे विकास की है। शीघ्र ही सरकार डीपीआर स्वीकृत करके धन अवमुक्त करेगी। इस दौरान आर्किटेक्ट इंजीनियर अब्दुल रऊफ खां, पालिका अध्यक्ष मुन्नी देवी, ईओ संतराम सरोज, डा. राधाकृृष्ण दीक्षित आदि मौजूद रहे।