मैनपुरी-(बेवर)। कोचिंग जाने के लिए घर से निकले छात्र की अपहरण के बाद ईंट से सिर कू चकर हत्या कर दी गई। अपहरणकर्ताओं ने मां के मोबाइल पर फोन करके बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी। सर्विलांस की मदद से पुलिस ने कुछ ही घंटों में वारदात का खुलासा कर दिया। शव मोहल्ले में ही एक निर्माणाधीन मकान में मिला। पुलिस ने मकान मालिक और उसके दो पुत्रों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है।
थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर नवादा निवासी सर्वेश सिंह यादव बेवर डिपो में संविदा चालक के पद पर तैनात हैं। वह पत्नी तथा 14 वर्षीय बेटे अभिषेक यादव के साथ कस्बा बेवर की शिवनगर कॉलोनी में रोडवेज कर्मचारी समरजीत सिंह के मकान में किराये पर रह रहे हैं। मंगलवार की शाम करीब चार बजे अभिषेक घर से कोचिंग जाने के लिए निकला। शाम करीब सात बजे तक जब छात्र घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच करीब सवा सात बजे छात्र की मां के मोबाइल पर फोन करके छात्र के अपहरण की जानकारी देने के साथ ही बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी गईल थी।
अपहरण की जानकारी होते ही परिजन मदद के लिए थाने पहुंचे। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से फोन करने वाले की लोकेशन का पता लगाकर मकान मालिक समरजीत सिंह व उनके पुत्र शशांक प्रताप व शिवप्रताप को हिरासत में ले लिया। आरोपियों की निशानदेही पर रात करीब साढ़े 11 बजे पुलिस ने छात्र का शव मोहल्ले में ही एक निर्माणाधीन मकान से बरामद कर लिया। सर्वेश सिंह की तहरीर पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके उन्हें जेल भेजा है। वहीं थाना पुलिस के अलावा एएसपी ओमप्रकाश सिंह, सीओ प्रयांक जैन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस के अनुसार छात्र की हत्या ईंट से सिर कूच-कूचकर की गई। हत्या के बाद शव को निर्माणाधीन मकान में गड्ढा खोदकर दबा दिया गया। उसके ऊपर ईंट, गिट्टी और लोहे का अन्य सामान रख दिया गया।
छात्र की हत्या उसी के मकान मालिक समरजीत सिंह ने अपने दो पुत्रों के साथ मिलकर की। पुलिस ने कुछ ही घंटों में वारदात का खुलासा करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। छात्र के पिता की तहरीर पर तीनों के खिलाफ अपहरण और हत्या की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
ओमप्रकाश सिंह, एएसपीे