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दफनाए गए तीनों शव पुलिस ने परिजनों को सौंपे

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फिरोजाबाद/सिरसागंज। छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव क्षेत्र में मिले सिरसागंज के कठफोरी क्षेत्र के तीन युवकों के शव वहां की पुलिस ने अधिकारियों के निर्देश पर खोदकर निकलवाए हैं। शवों की शिनाख्त न होने पर पुलिस ने दफना दिए थे। कठफोरी और सिरसागंज से राजनंदगांव पहुंचे मृतकों के परिजनों को पुलिस ने शव सौंप दिए हैं। मंगलवार को कठफोरी और सिरसागंज में मृतकों के आवास पर आने-जाने वाले लोगों का तांता लगा है। ट्रक लूटने के बाद तीनों की हत्या की बात कही जा रही है। रायपुर में हत्या करने के बाद राजनंदगांव क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर शव फेंके गए थे। तीनों के तन पर एक भी कपड़ा नहीं छोड़ा गया और शवों को जला दिया ताकि शिनाख्त न हो सके।
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कठफोरी निवासी अंजू बघेल के पास तीन ट्रक हैं। इनमें एक ट्रक अंजू बघेल के छोटा भाई संजय बघेल तीन अगस्त की शाम को गाजियाबाद ले गया था। कठफोरी से उनके साथ दिनेश बघेल और सिरसागंज से राजकिशोर बघेल भी साथ गए थे। दिनेश बघेल रोडवेज में चालक रहा है लेकिन पिछले एक साल से किसी मामले को लेकर परिवहन विभाग से केस चल रहा था। गाजियाबाद से मैटी लेकर इन्हें छत्तीसगढ़ के रायपुर जाना था। दिनेश ने रायपुर का रास्ता देखा था इसलिए दिनेश को साथ लिया था। संजू गाजियाबाद से माल से लदा ट्रक लेकर चार अगस्त को कठफोरी आ गया।

कठफोरी से तीनों लोग ट्रक लेकर चार अगस्त की शाम को रायपुर रवाना हुए थे। सात अगस्त तक इन्हें रायपुर में बालाजी इंटरप्राइजेज पर पहुंचना था। छह अगस्त की शाम तक अंजू की तीनों से बात हो रही थी, इसके बाद तीनों के फोन स्विच आफ थे। फोन से संपर्क न होने और रायपुर में जहां माल उतारना था वहां न पहुंचने पर परिवार वालों की चिंता बढ़ गई। सात अगस्त की शाम को संजू का भाई अंजू, छोटा भाई सूरजभान और कठफोरी के दो अन्य युवक बब्बल और राजू रायपुर के लिए रवाना हो गए। जयपुर कोटा से संजू का छोटा भाई राजा भी सीधे रायपुर पहुंच गया।
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रायपुर में तीनों की तलाश करते हुए थाने पहुंचे लेकिन थाने से उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई। थाने में कह दिया गया कि यह तहरीर लिख कर दे दो कि चालक माल से लदा ट्रक लेकर भाग गए हैं। इस पर थाने में विवाद भी हुआ। बाद में रायपुर में ही संजू अपने परिचित के पास गए उन्हें लेकर थाने आए। अंजू की तहरीर पर 9 अगस्त को ट्रक चोरी की रिपोर्ट दर्ज की।
अलग-अलग फेंके थे शव, फोटो से की गई पहचान

13 अगस्त की सुबह पता कि राजनंदगांव क्षेत्र में तीन शव मिले हैं। यहां की पुलिस से उन्होंने संपर्क साधा जो शव पुलिस को मिले थे इनकी फोटो दिखाए थे तो अंजू ने पहचान लिया। तीनों शव संजू, दिनेश और राजकिशोर के निकले। छत्तीसगढ़ के जिला राजनंदगांव के क्षेत्र बाघनदी, चिचोला और तुमड़ीबोड़ में युवकों के शव नग्न अवस्था में मिले थे। शवों को जला दिया था। ये शव आठ अगस्त को पुलिस ने बरामद किए थे। राजनंदगांव पुलिस ने बताया कि रायपुर क्षेत्र में ट्रक को लूटने के बाद तीनों के शव अलग-अलग स्थानों पर फेंके गए हैैं। तीन दिन तक शिनाख्त न होने पर पुलिस ने तीनों के शवों को दफना दिया था।

सोमवार की शाम को जैसी ही पता चला कि छत्तीसग़ढ राजनंदगांव क्षेत्र में मिले शव संजू, दिनेश और राजकिशोर के हैं तो तीनों परिवारों में कोहराम मच गया। रात भर परिवार के लोग जागते रहे। दिनेश और संजू तो कठफोरी के रहने वाले हैं जबकि राजकिशोर सिरसागंज के मोहल्ला रामचंद्र का रहने वाला था। तीनों की शादी हो चुकी है। दिनेश की पत्नी ने 15 दिन पूर्व ही बेटी को जन्म दिया है। चार साल का बेटा उस पर पहले से है। राजकिशोर की दो बेटियों से पिता का साया उठ गया। संजय उर्फ संजू के दो बेटे और एक बेटी की चिंता में परिवार के लोग डूब गए। तीनों परिवारों में चीखपुकार मची रही। ढांढस बंधाने वालों का तांता लग गया।

तीनों लोगों की हत्या की रिपोर्ट संजू के भाई अंजू की तहरीर पर रायपुर के थाना लालबाग में दर्ज की गई है। राजनंदगांव पुलिस ने शवों को दफना दिया था। संजू से पहले पुलिस ने अपनी तरफ से तीन अज्ञात शवों के मिलने का मामला दर्ज किया था। रिपोर्ट में लिखा तीन लोगों की हत्या रायपुर क्षेत्र में करके जिला राजनंद गांव क्षेत्र में अलग-अलग फेंक दिए गए। पुलिस मामले की जांच पड़ताल करते हुए रायपुर से राजनंदगांव के बीच के टोल प्लाजा सहित जहां-जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं उन्हें खंगाल रही है। राजनंदगांव के एसडीएम अतुल विश्वकर्मा ने शवों की शिनाख्त होने के बाद दफनाए गए स्थान पर तहसीलदार राजू पटेल को भेज कर शव निकलवाए और परिजनों को सौंप दिए हैं।
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